होर्मुज पार कर नवी मुंबई पहुंचा भारतीय जहाज 'ग्रीन आशा', अपने साथ लाया 15,400 टन LPG

भारतीय ध्वज वाला LPG टैंकर 'ग्रीन आशा' 15,400 टन एलपीजी लेकर नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पहुंच गया है। JNPA ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। BPCL-IOCL बर्थ पर लंगर डाले जहाज ने ऊर्जा सुरक्षा में भारत की मजबूती दिखाई।

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Indian LPG ship 'Green Asha' crosses Hormuz and reaches Mumbai
'ग्रीन आशा' लाया 15,400 टन LPG | Image: X

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका में हुए सीजफायर के बीच भारतीय ध्वज वाला LPG वाहक जहाज 'ग्रीन आशा' स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करते हुए नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) पहुंच गया है। ये जहाज अपने साथ 15,400 टन LPG लेकर आया है। जो देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। JNPA ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की।

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी ने कहा, “आज JNPA ने गर्व के साथ ग्रीन आशा का स्वागत किया है। पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, जहाज को BPCL-IOCL द्वारा संचालित लिक्विड बर्थ पर बर्थिंग दी गई है। होर्मुज पर अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारतीय जहाज का सुरक्षित पहुंचना एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है। JNPA ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “आज JNPA ने गर्व के साथ ग्रीन आशा का स्वागत किया, जो होर्मुज पार कर सफलतापूर्वक हमारे पोर्ट पर पहुंचा है।”

यह आयात भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। होर्मुज दुनिया के अधिकांश तेल और गैस निर्यात का प्रमुख मार्ग है और हाल के संघर्षों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय जहाज कंपनियां इस रूट से बच रही हैं। ऐसे में भारतीय ध्वज वाले जहाज का इस चुनौतीपूर्ण यात्रा को पूरा करना देश की समुद्री क्षमता और लॉजिस्टिक्स मजबूती को दर्शाता है।

2 हफ्ते का सीजफायर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2 हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। अस्थायी युद्धविराम के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि दोनों के बीच तल्खी फिर बढ़ती नजर आ रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर डील को लेकर एक बार फिर से ईरान को वार्निंग दी है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि असली समझौता होने तक अमेरिका सेना ईरान के अंदर और उसके आस-पास मौजूद रहेगी। ट्रंप ने फिर दोहराया है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे और होर्मुज भी खुला रहना चाहिए।

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Published By :
Sagar Singh
पब्लिश्ड