Semiconducter का पावर हाउस बनेगा भारत! अमेरिकी CEO ने कहा- बेजोड़ है सेमीकंडक्टर डिजाइन में इंडिया का तकनीकी ज्ञान

अमेरिकी CEO ने सेमीकंडक्टर डिजाइन में भारत की विशेषज्ञता की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर डिजाइन में भारत का ज्ञान बेजोड़ है।

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India's Homegrown D2M Chip Overcomes Major Development Hurdles, Deployment Soon: Report
सेमीकंडक्टर डिजाइन को लेकर अमेरिकन CEO ने की भारत की तारीफ। | Image: Reuters

भारत महत्वपूर्ण वायरलेस तकनीकों और सेमीकंडक्टर डिजाइन में दुनिया के बाकी हिस्सों से आगे निकल रहा है। अमेरिकी कंपनी के सीईओ ने सेमीकंडक्टर डिजाइन को लेकर भारत की विशेषज्ञता का खूब बखान किया। अमेरिकी कंपनी सिनक्लेयर के अध्यक्ष और सीईओ क्रिस रिप्ले ने भारत के प्रमुख सेमीकंडक्टर-केंद्रित कार्यक्रम सेमीकॉन इंडिया 2025 से तकनीक की दुनिया में भारत की विशेषज्ञता को अद्वितीय बताया। उन्होंने अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीकों के उत्पादन के लिए देश में निवेश किया है।

अमेरिकन CEO क्रिस रिप्ले ने कहा, "हमने माना है कि भारत में उपलब्ध विशेषज्ञता दुनिया में अद्वितीय है। हमने अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीकों के उत्पादन के लिए भारत में भारी निवेश किया है, जैसी कि मेरे हाथ में यहां है। यह टैबलेट भारत में डिजाइन की गई D2M चिप द्वारा संचालित है। यह इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे भारत महत्वपूर्ण वायरलेस तकनीकों और सेमीकंडक्टर डिजाइन में दुनिया के बाकी हिस्सों से आगे निकल रहा है, और अमेरिका और बाकी दुनिया में नवाचार और नए उत्पादों को आगे बढ़ा रहा है।"

पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया का किया उद्घाटन

बता दें, सिनक्लेयर अमेरिका की सबसे बड़ी समाचार मीडिया कंपनियों में से एक है। वहीं पीएम मोदी ने सेमीकॉम इंडिया 2025 का उद्घाटन किया। 2 से 4 सितंबर तक चलने वाला यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारत में एक मजबूत, लचीले और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

सेमीकंडक्टर में भारत के फ्यूचर पर फोकस

इसमें सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की प्रगति, सेमीकंडक्टर फैब और उन्नत पैकेजिंग परियोजनाएं, बुनियादी ढांचे की तैयारी, स्मार्ट विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में नवाचार, निवेश के अवसर और राज्य-स्तरीय नीति कार्यान्वयन पर सत्र होंगे। यह कार्यक्रम डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत पहलों, स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के भविष्य के रोडमैप पर प्रकाश डालेगा।

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20 हजार से ज्यादा लोग होंगे हाजिर

इसमें 20,750 से अधिक उपस्थित लोग भाग लेंगे, जिनमें 48 से अधिक देशों के 2,500 से अधिक प्रतिनिधि, 50 से अधिक वैश्विक नेताओं सहित 150 से अधिक वक्ता और 350 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं। इसमें छह देशों की गोलमेज चर्चाएं, देश के मंडप और कार्यबल विकास और स्टार्ट-अप के लिए समर्पित मंडप भी शामिल होंगे। दुनिया भर में आयोजित सेमीकॉन सम्मेलनों का उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के साथ-साथ विभिन्न देशों की सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की नीतियों को अधिकतम करना है।

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Published By :
Kanak Kumari Jha
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