Rafale: दुश्मनों के होश उड़ाने के लिए भारत खरीदेगा और 114 राफेल फाइटर जेट्स, राजनाथ सिंह की अगुवाई में कमेटी ने दी हरी झंडी

Rafale Deal: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने एक बैठक में बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी दी है। इसमें 114 राफेल लड़ाकू विमानों और 6 P-8I समुद्री विमानों की खरीद को हरी झंडी दिखाई गई है। इससे भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत में और इजाफा होगा।

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Rafale Deal
राफेल डील को मिली मंजूरी | Image: Republic

Rafale Deal: भारतीय सेना की ताकत बढ़ने वाले है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से पहले 114 राफेल विमानों की खरीद का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार, 12 फरवरी को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने राफेल फाइटर जेट्स की खरीद को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में  एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें यह बड़ा फैसला लिया गया।

DAC ने बैठक में दी सौदे को मंजूरी

DAC ने 114 अतिरिक्त राफेल जेट्स की खरीद को मंजूरी दी है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.25 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा नौसेना के लिए छह P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है। DAC की मंजूरी के बाद प्रस्ताव CCS के पास जाएगा, जहां PM मोदी की अगुवाई वाली कमिटी डील पर अंतिम फैसला लेगी।

भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत

भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल जेट्स पहले से मौजूद हैं। यह साल 2016 में हुए सौदे से आए थे। वायुसेना को कुल 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है, जबकि अभी केवल 29 ही मौजूद हैं। पुराने एयरक्राफ्ट भी रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में सेना को नए और आधुनिक फाइटर जेट्स की जरूरत थी। इसको ध्यान में रखते हुए डील को हरी झंडी दिखाई गई है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे।

नए राफेल फाइटर जेट्स फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन से आएंगे। इनमें से 18 जेट्स रेडी-टू-फ्लाई में आएंगे। वहीं, बाकी 96 भारत में ही बनेंगे, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बूस्ट मिलेगा। साथ ही हजारों नौकरियां भी पैदा होंगी।

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मैक्रों के भारत दौरे से पहले बड़ा फैसला

राफेल डील को मंजूरी मिलने का यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे से ठीक पहले लिया गया है। मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। वह दिल्ली में भारत द्वारा आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट' में भाग लेंगे। इस दौरान रक्षा सहयोग पर चर्चा हो सकती है। 

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Published By:
 Ruchi Mehra
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