NATO चीफ मार्क रुटे के दावे पर भारत की दो टूक, कहा- PM मोदी और पुतिन के बीच ऐसी कोई बता नहीं हुई, भ्रामक बातें ना फैलाएं

India on NATO Secretary-General: अपने स्थापित रुख को दोहराते हुए, जायसवाल ने आगे कहा, "जैसा कि पहले कहा गया है, भारत का ऊर्जा आयात भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पूर्वानुमानित और किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करने के लिए है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा।"

Follow : Google News Icon  
Randhir Jaiswal
Randhir Jaiswal | Image: Ministry of External Affairs, India/YouTube

India on NATO Secretary-General: भारत ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कथित बातचीत पर नाटो महासचिव मार्क रूटे की टिप्पणियों को खारिज कर दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे "तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह से निराधार" बताते हुए खारिज कर दिया है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई चर्चा कभी नहीं हुई है और नाटो नेतृत्व से अधिक सावधानी से कार्य करने का आग्रह किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इस टिप्पणी की आलोचना की थी, जब रुट ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी टैरिफ कार्रवाई के मद्देनजर रूस की युद्ध रणनीति पर पुतिन से स्पष्टीकरण मांगा था।


बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह से निराधार - विदेश मंत्रालय 

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता (Weekly Media Briefing) के दौरान कहा, "हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कथित फोन पर हुई बातचीत के बारे में नाटो महासचिव मार्क रूटे का बयान देखा है। यह बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह से निराधार है। प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भी राष्ट्रपति पुतिन से उस तरीके से बात नहीं की जैसा बताया जा रहा है। ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। "

नाटो के शीर्ष नेतृव ने क्या कहा था?

मिली जानकारी के अनुसार, रूटे ने गुरुवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक विदेशी मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ रूस को काफी प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नई दिल्ली मास्को से संपर्क कर रही है, और मोदी कथित तौर पर पुतिन से यूक्रेन के प्रति अपने रुख को स्पष्ट करने के लिए कह रहे हैं, क्योंकि भारत उन टैरिफ से प्रभावित हुआ है।

Advertisement

इन दावों को खारिज करते हुए भारत ने इस बात पर जोर दिया कि नाटो के शीर्ष नेतृत्व को सार्वजनिक टिप्पणियां जारी करते समय सटीकता सुनिश्चित करनी चाहिए।

नाटो सार्वजनिक बयानों में अधिक जिम्मेदारी और सटीकता बरतें - विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा, "हम नाटो जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के नेतृत्व से अपेक्षा करते हैं कि वे सार्वजनिक बयानों में अधिक जिम्मेदारी और सटीकता बरतें। प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने वाली या ऐसी बातचीत का सुझाव देने वाली अटकलें या लापरवाही वाली टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं।"

Advertisement

अपने स्थापित रुख को दोहराते हुए, जायसवाल ने आगे कहा, "जैसा कि पहले कहा गया है, भारत का ऊर्जा आयात भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पूर्वानुमानित और किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करने के लिए है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा।" 

ये भी पढ़ें - BREAKING: दुश्मनों के होश उड़ाने वाली खबर, भारत ने पहली बार रेल लॉन्चर से दागी अग्नि प्राइम मिसाइल; पाकिस्तान में घुसकर मचा सकती है तबाही!

Published By :
Amit Dubey
पब्लिश्ड