LIVE BLOG

LIVE UPDATES/ BRICS Summit 2026: ब्रिक्स का काउंडाउन शुरू, भारत के एयरस्पेस में ईरानी राष्ट्रपति के प्लेन की एंट्री, थोड़ी देर में मोदी-पुतिन की होगी मुलाकात

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन राजधानी दिल्ली में हो रहा है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। मेहमानों के आने का सिलसिला भी जारी है। रूस और साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति दिल्ली पहुंच गए हैं। BRICS से जुड़े हर अपडेट के लिए बने रहें लाइव ब्लॉग के साथ...

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
 BRICS Summit 2026
BRICS Summit 2026 | Image: Republic

राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। इस आयोजन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और BRICS देशों के राष्ट्रध्यक्ष हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं।राष्ट्रध्यक्षों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।  राष्ट्रीय राजधानी शिखर सम्मेलन के दुल्हन की तरह सज कर तैयार है। 


एंटोनियो गुटेरेस पहुंचे भारत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने उनका स्वागत किया।


उरुग्वे के विदेश मंत्री से जयशंकर की मुलाकात

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन ने 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात की. यह बैठक भारत में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित की गई।


Advertisement

हम मिलकर विश्व के लिए एक नई परिस्थिति पैदा कर सकते हैं-सलमान खुर्शीद

BRICS 2026 को लेकर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "भारत को ये देखना है कि सभी लोग मिलकर एक व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करेंगे। हम मिलकर विश्व के लिए एक नई परिस्थिति पैदा कर सकते हैं, उस ओर हमें ध्यान देना है। हमें न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए आतंकवाद को समाप्त करना है, हमें जलवायु परिवर्तन का विषय पूरे विश्व के लिए चाहिए, जिस पर हमें एकमत होना है। डीडॉलरायझेशन की बात है तो कहां-कहां पर कितने देश आपस में जो व्यापार कर रहे हैं, उसे वे अपने दो देशों की करंसी में तय करने का प्रयास कर रहे हैं। डीडॉलरायझेशन तब होगा जब कोई नई करंसी बन जाएगा लेकिन उस करेंसी पर तो आम सहमति नहीं है कि एक करंसी बने और डॉलर को समाप्त किया जाए। हो सकता है कि वे लोग जो डॉलर से व्यापार करते हैं, वह उस पर कोई नई व्यवस्था बनाएं... अमेरिका भी इस ओर ध्यान देगा, मुझे पूरी उम्मीद है। इन सभी बातों पर भारत को आम सहमति बनाने की आवश्यकता है... ब्रिक्स में ऐसे देश भी हैं जिनके आपसी विवाद है। UAE और ईरान भी इसमें शामिल हैं... इससे पूरा विश्व प्रभावित हुआ है... इन कठिनाईयों को हम दूर कर सकते हैं जो लोगों के बीच आई हैं..."


ईरान के राष्ट्रपति भी BRICS में लेंगे हिस्सा

भारत में ईरान के दूतावास ने बताया कि ईरान के राष्ट्रपति डॉ. पेज़ेशकियन ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने के लिए भारत रवाना हो गए हैं। अमेरिका के साथ जारी जंग केबीच पेशकियन की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है।
 


Advertisement

भारत ने इथेनॉल को ब्राजील के साथ मिलकर डेवलप किया-

 BRICS समिट 2026 में, अल्ट्राकॉन्फिडेंशियल के बिज़नेस हेड और इंडिया-ब्राज़ील चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के सीनियर फेलो, लुकास जेंटिल ने कहा, "डिजिटल एक्सेस, फाइनेंशियल एक्सेस और डेमोग्राफी रेट्स भारत को मौजूदा भौगोलिक हालात में खुद को बेहतर स्थिति में लाने में मदद कर सकते हैं... ब्राज़ील-भारत के रिश्ते तब शुरू हुए जब राष्ट्रपति लूला पहली बार भारत आए थे। तब से दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ा है... अगर आप देखें कि आजकल कारों में एनर्जी के तौर पर इथेनॉल का इस्तेमाल हो रहा है, तो यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसे ब्राज़ील के साथ मिलकर डेवलप किया गया है।"
 


ब्राजील के विदेश मंत्री की एस जयशंकर से मुलाकात

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा ने हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। मौरो विएरा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हैं। 


भारत एक भरोसेमंद पार्टनर- पीयूष गोयल

ब्रिक्स बिज़नेस फोरम को संबोधित करते हुए, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "आज ब्रिक्स दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। भारत, ब्रिक्स देशों के बीच होने वाले व्यापार का एक अहम स्तंभ है। भारत से होने वाले मैन्युफैक्चर्ड एक्सपोर्ट में इंजीनियरिंग के सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स का हिस्सा सबसे बड़ा है। भारत को दुनिया की 'फार्मेसी' भी कहा जाता है। हम ब्रिक्स को इन और दूसरे ऐसे प्रोडक्ट्स के लिए एक अहम मार्केट के तौर पर देखते हैं, जिन्हें भारत एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर दुनिया तक पहुंचाना चाहता है। मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों और पार्टनर देशों से अपील करता हूं कि वे अपने मार्केट खोलें और साथ मिलकर रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और कंसाइनमेंट की तेज़ी से मंज़ूरी में मदद करने के लिए काम करें।"


BRICS करेंसी का बेसब्री से इंतजार-ओल्गा कुलिकोवा

रूस की भारत में बिजनेस एंबेसडर और 'ऑल रशियन पब्लिक ऑर्गनाइज़ेशन बिज़नेस रशिया' की जनरल काउंसिल की सदस्य ओल्गा कुलिकोवा ने कहा, "हम सच में BRICS करेंसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि इससे निश्चित रूप से व्यापार आसान होगा और देशों के बीच यात्रा भी बढ़ेगी। हमें लगता है कि यह हमारे देशों के लिए अब तक के सबसे बड़े मौकों में से एक है और हमें उम्मीद है कि इससे हमारे व्यापारिक संबंध बेहतर होंगे और भविष्य में सभी देशों को फायदा होगा।"


एस जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को किया संबोधित

ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं। अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता हमारे आस-पास की दुनिया की मुख्य विशेषताएं बन गई हैं। हम भू-राजनीतिक संघर्षों, महामारियों और जलवायु से जुड़ी समस्याओं के आर्थिक नतीजों को देख रहे हैं। साथ ही, तेज़ी से हो रहा डिजिटलाइज़ेशन और तकनीकी प्रगति विकास, उत्पादकता और तरक्की के लिए नई संभावनाएँ खोल रहे हैं। इसका नतीजा एक ऐसा आर्थिक माहौल है जहाँ जोखिम और अवसर दोनों ही ज़्यादा व्यापक रूप से फैल रहे हैं और जहाँ पहले से अंदाज़ा लगाने, हालात के अनुसार ढलने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता का महत्व बढ़ रहा है।"

Published By:
 Rupam Kumari

पब्लिश्ड