आतंकियों को जवाब देने के लिए कोई नियम नहीं हो सकते... विदेश मंत्री जयशंकर ने जारी की चेतावनी
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आतंकियों से निपटने के लिए कोई नियम कानून नहीं हो सकते हैं।
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर से आतंकियों के पनाहगार और आतंकवादियों को कड़ी चेतावनी दे दी है। दरअसल, द गार्जियन की एक खबर बीते दिनों से काफी चर्चा में बना हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान के अंदर घुसकर 2021-22 में आतंकियों को मारा गया। इस न्यूज रिपोर्ट का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जिक्र किया था। वहीं अब विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवादियों के लिए कोई नियम या कानून नहीं होने चाहिए।
मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों को लेकर केंद्र में रही कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, "मुंबई में 26/11 के हमलों के बाद, यूपीए सरकार ने कई दौर की चर्चा की और इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पाकिस्तान पर हमला करने की कीमत उस पर हमला न करने की लागत से काफी अधिक है। मुंबई जैसा कुछ होता है और अगर आप इस पर प्रतिक्रिया नहीं देते हैं तो आप अगली घटना को घटित होने से कैसे रोक सकते हैं?"
आतंकियों से निपटने के लिए नहीं हो सकते कोई नियम: एस जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर अपनी किताब 'व्हाई भारत मैटर्स' के मराठी अनुवाद के विमोचन के मौके पर पुणे के युवाओं के साथ बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने ये बयान दिया। विदेश मंत्री ने कहा, "आतंकवादियों को ये नहीं सोचना चाहिए कि हम लाइन के इस तरफ हैं, इसलिए कोई भी हम पर हमला नहीं कर सकता। आतंकवादी किसी भी नियम से नहीं खेलते। आतंकवादियों को जवाब देने के लिए कोई नियम नहीं हो सकते।"
द्विपक्षीय संबंध निभाना किस देश के साथ मुश्किल?
विदेशमंत्री से जब यह पूछा गया कि आखिर अच्छे द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने और विकसित करने में किस देश के साथ सबसे ज्यादा कठिनाई होती है? इसपर जयशंकर ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने तत्कालीन भारतीय प्रांत में हमले करने के लिए अपने उत्तर-पश्चिमी हिस्से से जनजातीय लोगों को भेजा था, लेकिन सरकार ने उन्हें 'घुसपैठिया' करार दिया, न कि 'आतंकवादी'।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "नरेंद्र मोदी 2014 में ही आए, लेकिन यह समस्या 2014 में शुरू नहीं हुई। यह मुंबई आतंकवादी हमलों (26/11) के बाद भी नहीं, यह 1947 में शुरू हुई। 1947 में, पहले लोग पाकिस्तान से कश्मीर आए, और कश्मीर पर हमला किया... वे कस्बों, शहरों को जला रहे थे, वे लोगों को मार रहे थे... पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया। उनसे कहा कि कश्मीर को पूरी तरह से बाधित करने के लिए हम आपके पीछे आएंगे।"
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