ओमान तट के पास कमर्शियल जहाजों पर हमले को लेकर भारत ने अमेरिकी अधिकारी को फिर किया तलब, 45 मिनट लगाई क्लास
विदेश मंत्रालय ने ओमान तट पर भारतीय व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे हमलों के विरोध में अमेरिकी चार्ज डी’एफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया। यह दूसरी बार है जब MEA ने अमेरिकी मिशन को बुलाया। कल एक और जहाज पर हमला हुआ जिसमें 20 भारतीय नाविक सवार थे। पहले के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।
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विदेश मंत्रालय (MEA) ने ओमान तट के पास भारतीय व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के खिलाफ अमेरिका के चार्ज डी’एफेयर्स जेसन मीक्स (Jason Meeks) को दूसरी बार तलब किया। विदेश मंत्रालय से लगभग 45 मिनट की मुलाकात के बाद रवाना हो गए। MEA ने उन्हें ओमान के तट पर जहाजों पर हो रहे हमलों के खिलाफ भारत का विरोध दर्ज कराने के लिए बुलाया था।
इस बैठक में विदेश मंत्रालय के अमेरिका डिवीजन के अतिरिक्त सचिव ने अमेरिकी दूत को तलब किया। अमेरिकी दूत को बुलाकर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। गुरुवार को एक और जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 20 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इससे पहले हुए हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिन्हें शुरू में लापता बताया गया था।
हमले तुरंत बंद करे अमेरिका
भारत ने इन घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताया है। MEA ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ दिनों में ओमान तट के पास भारतीय क्रू वाले कम से कम तीन व्यावसायिक जहाजों पर हमले हुए हैं। भारत की ओर से इन हमलों को तुरंत बंद करने की मांग की गई है।
संयुक्त राष्ट्र और IMO की निंदा
इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। IMO के महासचिव ने कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा की गई ऐसी हरकतें, जो नाविकों की जान और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी IMO के बयान का समर्थन करते हुए हमले की निंदा की।
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UN ने लगाई फटकार
भारत सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों और क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत जरूरी है। UN ने अमेरिका तो फटकार लगाते हुए कायदे-कानून याद दिलाए हैं।
यह दूसरी बार है जब MEA ने अमेरिकी मिशन को इसी मुद्दे पर तलब किया है। भारत ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक जहाजों पर ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और इनसे समुद्री सुरक्षा प्रभावित हो रही है। भारतीय नाविकों के परिवारों में चिंता का माहौल है। सरकार ओमान के साथ मिलकर लापता नाविकों की तलाश और बचाव कार्य कर रही है।