UAE के जहाजों पर ईरानी मिसाइल अटैक में भारतीय नाविक की मौत; एक्शन में भारत, ईरानी अधिकारियों को किया तलब

होर्मुज में UAE के तेल टैंकरों पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और छह घायल हुए हैं। इस गंभीर घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरानी दूतावास के अधिकारियों और डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।

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India on sailor killed in UAE Missile Attack
ईरानी राजनियकों को किया तलब | Image: ANI

Hormuz Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटने के बाद एक बार तनाव चरम पर है। सोमवार (13 जुलाई) रात होर्मुज में उस वक्त हालात और बिगड़ गए जब ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो कमर्शियल तेल टैंकरों को निशाना बनाकर भीषण क्रूज मिसाइल हमले किए। इसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए हैं। इस पर भारत की ओर से भी कड़ा रूख अपनाया गया है। भारत ने दिल्ली में ईरानी दूतावास को तलब कर इस पर जवाब मांगा है।

ईरानी राजनियक पहुंचे विदेश मंत्रालय

समन किए जाने के बाद ईरानी राजनयिक विदेश मंत्रालय पहुंचे। इस दौरान ईरान के डिप्टी चीफ मिशन (DCM) मोहम्मद जवाद हुसैनी भी शामिल थे। जानकारी के अनुसार भारतीय अधिकारियों ने ईरान के सामने समुद्र में काम करने वाले अपने बड़े समुदाय की सुरक्षा पर चिंता जताई है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।

कैसे हुआ हमला? 

हमला ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी मार्ग में हुआ। ईरान की ओर से दागी गईं क्रूज मिसाइलों ने UAE के झंडे वाले दो तेल टैंकरों- 'मोम्बासा' (Mombasa) और 'अल बहियाह' (Al Bahiyah) को निशाना बनाया। मिसाइल की चपेट में आने से 'मोम्बासा' टैंकर पर तैनात एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। इसके अलावा, हमले में कुल आठ नाविक घायल हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। घायलों में से चार की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने घटना की निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन बताया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संज्ञान लेने की अपील की है।

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होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव 

यह हमला वैश्विक व्यापार के लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में तेजी से बढ़ते सैन्य तनाव का नतीजा है। जहां एक तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में ईरान की सीमा के अंदर कई ठिकानों पर बमबारी की है। दूसरी तरफ ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि उनकी नौसेना ने क्षेत्र में केवल उन्हीं जहाजों को निशाना बनाया है जो "समुद्री नियमों का उल्लंघन" कर रहे थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरानी शिपिंग पर दोबारा कड़ा प्रतिबंध और नाकाबंदी लागू कर दी है। इसके अलावा ट्रंप ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सुरक्षित गुजरने वाले हर कार्गो जहाज को अब 20 प्रतिशत शुल्क (टैक्स) देना होगा, जिससे ईरान पूरी तरह भड़का हुआ है।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड