भविष्य के कौशल की मांग को लेकर भारत दुनिया का दूसरा सबसे तैयार बाजार : क्यूएस सूचकांक

भविष्य में मांग वाले कौशल के लिए दुनिया के सबसे तैयार नौकरी बाजारों में अमेरिका के बाद भारत को दूसरा स्थान दिया गया है।

Follow : Google News Icon  
FMCG index soars
FMCG index soars | Image: Shutterstock

भविष्य में मांग वाले कौशल के लिए दुनिया के सबसे तैयार नौकरी बाजारों में अमेरिका के बाद भारत को दूसरा स्थान दिया गया है। क्यूएस विश्व भविष्य कौशल सूचकांक-2025 के अनुसार, इस बाजार में कृत्रिम मेधा (एआई), डिजिटल और हरित क्षेत्र जैसे प्रमुख खंड शामिल हैं। पहला भविष्य कौशल सूचकांक बृहस्पतिवार को लंदन स्थित क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा जारी किया गया, जो अपनी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय रैंकिंग के लिए जाना जाता है। सूचकांक ने चार मुख्य बिंदुओं - कौशल उपयुक्तता, शैक्षणिक तत्परता, कार्य का भविष्य और आर्थिक परिवर्तन को मापकर यह मूल्यांकन किया है कि देश अंतरराष्ट्रीय नौकरी बाजार की उभरती मांगों को पूरा करने के लिए कितनी अच्छी तरह लैस हैं।

क्यूएस ने बयान में कहा, “इस नए सूचकांक में जब सभी चार संकेतकों को मिला दिया जाता है, तो भारत कुल मिलाकर 25वें स्थान पर आता है, और इसे भविष्य के कौशल का दावेदार माना जाता है। इसके अलावा, भारत भविष्य के कार्य संकेतक में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है, जिसने दुनिया में दूसरा सबसे उच्च स्कोर (99.1) हासिल किया है, जो सूचकांक में समग्र अगुवा के रूप में अमेरिका से एक अंक से भी कम पीछे है।” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्यूएस वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स में भारत के प्रदर्शन की सराहना की।

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “यह देखकर खुशी होती है! पिछले दशक में हमारी सरकार ने युवाओं को कौशल से लैस करके उन्हें मजबूत बनाने पर काम किया है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और धन अर्जित कर सकें। हमने भारत को नवाचार और उद्यम का केंद्र बनाने के लिए प्रौद्योगिकी की ताकत का भी लाभ उठाया है।” उन्होंने कहा, “क्यूएस विश्व भविष्य कौशल सूचकांक से प्राप्त आंकड़े मूल्यवान हैं क्योंकि हम समृद्धि और युवा सशक्तीकरण की दिशा में इस यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं।” प्रधानमंत्री क्यूएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक नुन्ज़ियो क्वाक्वेरेली के एक पोस्ट का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है।

मेक्सिको के साथ-साथ भारत को ‘डिजिटल भूमिकाओं में भर्ती के लिए सबसे अधिक तैयार’ के रूप में पहचाना जाता है। हालांकि, रिपोर्ट में भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली, उद्योग सहयोग और रोजगार बाजारों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला गया है। क्यूएस सूचकांक में भारतीय विश्वविद्यालयों के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, रिपोर्ट में स्नातकों को डिजिटल, एआई और हरित कौशल से बेहतर ढंग से लैस करने के महत्वपूर्ण अवसरों का उल्लेख किया गया है, जिनकी नियोक्ताओं द्वारा लगातार मांग की जा रही है।

Advertisement
Published By :
Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड