'भारत किसी भी सेक्टर में मोनोपॉली की इजाजत नहीं देता, SATCOM के लिए 3 लाइसेंस दिए हैं, एक और पार्टी इंटरेस्टेड है लेकिन...', सिंधिया की दो टूक

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में एक ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ कर दिया कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट (SATCOM) सेवाओं के क्षेत्र में किसी एक कंपनी का एकाधिकार नहीं होगा।

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 Jyotiraditya Scindia Responds to Musk's Claims on Blocking of Starlink License
भारत किसी भी सेक्टर में मोनोपॉली की इजाजत नहीं देता-सिंधिया | Image: ANI

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कमर्शियल सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए लाइसेंस पर सरकार का रुख साफ कर दिया। उन्होंने साफ-साफ कहा कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट (SATCOM) सेवाओं के क्षेत्र में किसी एक कंपनी का एकाधिकार नहीं होगा। सरकार सभी योग्य कंपनियों को समान अवसर दे रही है। यह बयान SpaceX और Starlink के मालिक एलन मस्क के उस पोस्ट्स के बाद आया है, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि भारत में कुछ खास कारोबारी हितों की वजह से उनकी कंपनी के लाइसेंस रोके जा रहे हैं।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में एक ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, "मैं बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं। भारत किसी भी सेक्टर में मोनोपॉली (एकाधिकार) की इजाजत नहीं देता है। इसलिए, जहां तक SATCOM की बात है, ऐसा नहीं है कि सिर्फ एक ही लाइसेंसधारी को चुना गया है। जो भी ये सेवाएं देना चाहता है, उन सभी को लाइसेंस दिए गए हैं। आज तीन लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में मोनोपॉली का सवाल ही नहीं है।"

मोनोपॉली की इजाजत नहीं-सिंधिया

सिंधिया ने आगे कहा, "एक खास कंपनी के बारे में बहुत चर्चा हो रही है, लेकिन असल में तीन कंपनियों को लाइसेंस मिले हैं। रिलायंस जियो, वनवेब और स्टारलिंक। और एक और कंपनी है जो लाइसेंस लेने में दिलचस्पी रखती है और उस कंपनी को तय प्रक्रिया का पालन करना होगा, वह है अमेजन प्रोजेक्ट कुइपर। अभी तीन कंपनियों को लाइसेंस मिल चुका है।"

कंपनी को नियमों का पालन करना होगा-सिंधिया

"एक बार रेवेन्यू चार्ज सिस्टम तय हो जाए, और जब ये तीनों कंपनियां- A, B और C- सुरक्षा संबंधी चिंताओं और जरूरी शर्तों के आधार पर अपने माइलस्टोन या उपलब्धियों के मुताबिक सभी जरूरतों को पूरा कर लेंगी, तो जाहिर है कि वे अपना कामकाज शुरू कर सकती हैं। लेकिन इसके लिए हर कंपनी को अलग-अलग नियमों का पालन करना होगा।"

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स्टारलिंक के आरोपों पर सिंधिया की सफाई

सिंधिया ने आगे कहा, भारत सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए प्राइसिंग फ्रेमवर्क पर अंतिम निर्णय लेने के करीब है और स्टारलिंक सहित सभी लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों को कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने से पहले सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा, "शुरुआत में यह तय किया गया था कि स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा या उसकी नीलामी होगी। दूसरा, उस प्रशासनिक आवंटन के बाद प्राइसिंग व्यवस्था क्या होगी। और TRAI और DOT इस पर बातचीत कर रहे हैं। हम इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने के करीब हैं और तीसरा मामला सुरक्षा आवश्यकताओं और जरूरी शर्तों के पालन से जुड़ा है।"

एलन मस्क ने क्या कहा था?

मंत्री का यह बयान एलन मस्क के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय आवश्यकताओं का पालन करने में पांच साल बिताने के बावजूद शक्तिशाली कारोबारी हितों की वजह से उनकी कंपनी को रोका जा रहा है। संचार मंत्रालय ने पहले भेदभावपूर्ण व्यवहार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि तीनों लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर मोटे तौर पर एक ही रेगुलेटरी स्टेज पर हैं। मंत्रालय ने कहा कि तीनों के लिए सुरक्षा संबंधी जांच चल रही है और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद हर कोई स्पेक्ट्रम आवंटन के अगले चरण की ओर बढ़ सकता है।
 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड