जहाज निर्माण में भारत की बड़ी छलांग की तैयारी, 3,500 करोड़ की पांच परियोजनाएं का शिलान्यास, क्या बोले रक्षा मंत्री?

रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जहाज बनाने के सेक्टर में आत्मनिर्भरता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य है भारत को ग्लोबल शिपबिल्डिंग हब बनाना, जहां भारत जहाज बनाएगा और दुनिया खरीदेगी। इस दौरान उन्होंने 3,500 करोड़ की पांच परियोजनाएं का शिलान्यास किया।

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India Can Become Global Shipbuilding Hub; Must Focus on Self-Reliance: Rajnath Singh
जहाज निर्माण में भारत की बड़ी छलांग की तैयारी, क्या बोले रक्षा मंत्री? | Image: ANI

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने रविवार (23 अगस्त ) को एक कार्यक्रम की अध्यक्षता के दौरान युद्धपोत और जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ती शिपबिल्डिंग क्षमता भारत को ग्लोबल मैरीटाइम पावर बना रही हैं। हमारा लक्ष्य है भारत को ग्लोबल शिपबिल्डिंग हब बनाना, जहां भारत जहाज बनाएगा और दुनिया खरीदेगी। इस दौरान रक्षा मंत्री ने 3,500 करोड़ की पांच परियोजनाएं का शिलान्यास किया।

जहाज निर्माण में भारत की बड़ी छलांग की तैयारी

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा 'अगर हम हिंद महासागर क्षेत्र में जहाजों की मरम्मत और ओवरहॉलिंग का हब बन जाते हैं, तो हम न सिर्फ़ विदेशी मुद्रा बचाएंगे बल्कि हज़ारों नौकरियां भी पैदा करेंगे। आज भी, हमारे देश में बने युद्धपोत दुनिया भर के संघर्ष वाले इलाकों में काम करके हमारी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने में मदद कर रहे हैं।'

3,500 करोड़ की पांच परियोजनाएं का शिलान्यास

समाचार एजेंसी एएनआई ने एक विज्ञप्ति के अनुसार बताया कि 'सिंह कोलकाता में GRSE भवन से वर्चुअली (ऑनलाइन) गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) की तीन और यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की दो विस्तार परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन परियोजनाओं में कुल मिलाकर लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।'

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रक्षा मंत्री ने आगे कहा, 'शिपबिल्डिंग से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, MSME को मजबूती मिलेगी और बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी। यह पश्चिम बंगाल के लिए और भी ज़रूरी है क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था को अब नई रफ़्तार की जरूरत है।'

हम दुनिया के जहाज डिजाइन हब बन सकते हैं

राजनाथ सिंह ने आगे कहा 'UK, USA, नीदरलैंड और फ्रांस जैसे देशों ने औपनिवेशिक दौर में खुद को शिपबिल्डिंग देशों के तौर पर स्थापित किया था। लेकिन अब, धीरे-धीरे, वे शिपबिल्डिंग गतिविधियां कम कर रहे हैं। नतीजतन, ग्लोबल शिपबिल्डिंग में एक खाली जगह बन रही है। इसके अलावा, बढ़ती मांग और बदलती टेक्नोलॉजी भी बड़े मौके पैदा कर रही हैं। भारत इन मौकों का फायदा उठा सकता है और हम ऐसा करेंगे।

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आगे उन्होंने कहा 'भारत में नई पीढ़ी के इंजीनियरों की बड़ी संख्या है। हम दुनिया के जहाज डिजाइन हब बन सकते हैं। जहाज़ों को डिजाइन करके हम अपनी विशेषज्ञता दुनिया को निर्यात कर सकते हैं। GRSE के पास 800 से ज़्यादा जहाज बनाने का अनुभव है। आपके पास तकनीकी जानकारी, कुशल वर्कफोर्स है और अब आपकी क्षमता भी बढ़ जाएगी। आपको इसका पूरा इस्तेमाल करना चाहिए।' 

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Published By:
 Sahitya Maurya
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