कानपुर में LPG सिलेंडर से ट्रेन पलटाने की कोशिश, कौन रच रहा हादसे की साजिश? पहले भी हुई ऐसी घटनाएं

कानपुर में बड़राजपुर और बिल्हौर स्टेशनों के बीच मुड़ेरी गांव की क्रॉसिंग के पास प्रयागराज से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश की गई।

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Kanpur train accident
कानपुर में LPG सिलेंडर से ट्रेन पलटाने की कोशिश | Image: R Bharat

Kanpur Train Incident: क्या ट्रेनों को पलटाने की कोशिश है? क्या देश में किसी बड़े ट्रेन हादसे की साजिश रची जा रही है? पिछले कुछ दिनों में पटरियों से छेड़छाड़ और रेलवे ट्रैक को बाधित करने के प्रयासों ने शक गहराने लगा है। हालिया घटनाओं की अगर बात करें तो लगातार ट्रेनें बेपटरी हो रही है और पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग जगहों पर पटरियों से छेड़छाड़ की गई तो एक जगह लकड़ी का बड़ा सा गुटका ही ट्रैक पर रख दिया गया। अब कानपुर में भी कथित तौर पर ट्रेन को पलटाने की कोशिश हुई है।

कानपुर में एक ट्रेन हादसे की साजिश सामने आई है। कानपुर-कासगंज रूट पर बड़राजपुर और बिल्हौर स्टेशनों के बीच मुड़ेरी गांव की क्रॉसिंग के पास प्रयागराज से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश की गई। उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेलवे ट्रैक पर एलपीजी सिलेंडर ही रख दिया, जिससे कालिंदी एक्सप्रेस टकरा गई है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।

ट्रैक पर रखा था सिलेंडर, पास पड़े थे संदिग्ध सामान

बताया जाता है कि तेज रफ्तार ट्रेन से टकराने के बाद सिलेंडर करीब 50 मीटर दूर जा गिरा। चालक ने ट्रेन रोक दी। करीब 20 मिनट तक ट्रेन वहीं खड़ी रही। चालक ने क्रॉसिंग पर तैनात गेटमैन को घटना की जानकारी दी। इसके बाद रेलवे और पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को एक बैग में पेट्रोल से भरी बोतल, माचिस और विस्फोटक मिला। पास की झाड़ियों में लोगों के बैठे होने के निशान भी मिले। फोरेंसिक टीम ने वहां जांच की। भिवानी जा रही ट्रेन संख्या 14117 कालिंदी एक्सप्रेस रात करीब सवा 8 बजे बड़राजपुर स्टेशन से बिल्हौर की ओर रवाना हुई और मुड़ेरी गांव में क्रॉसिंग के पास ट्रैक पर रखे एलपीजी सिलेंडर से टकरा गई।

पुलिस के मुताबिक, लोको पायलट ने बताया कि उसे ट्रैक पर कोई संदिग्ध चीज दिखाई दी, जिसके बाद उसने ब्रेक मारी। ट्रेन की रफ्तार तेज थी और ऐसे में ब्रेक लगाने के बाद भी ट्रेन उस चीज से टकरा गई, जिससे काफी तेज आवाज हुई। ट्रेन रोककर ड्राइवर ने गार्ड और बाकी लोगों को सूचना दी। फिलहाल अधिकारी कर रहे हैं कि जिसने भी ये किया है उसे पकड़ने का काम किया जाएगा। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। हमारी फॉरेंसिक टीम भी डिटेल में समीक्षा कर रही है।

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ट्रेन को बेपटरी करने की 3 घटनाएं हुईं

हैरान करने वाली बात ये है कि कानपुर में पहले भी एक ऐसी घटना हुई, जब कानपुर-झांसी रूट पर 16 अगस्त की रात करीब ढाई बजे साबरमती एक्सप्रेस के 20 डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए थे। इसमें रेलवे ने साजिश की बात कही थी। मामले की जांच चल रही है। ऐसी ही अन्य घटनाओं की बात करें तो पिछले दिनों फर्रुखाबाद में लकड़ी का गुटका ट्रैक पर रखकर ट्रेन को बेपटरी करने की कोशिश की गई। हालांकि लोको पायलट की सूझबूझ से वो हादसा टल गया। उसके पहले शामली जिले में रेलने लाइन से छेड़छाड़ की गई थी। तकरीबन 25 से 30 पेंड्रोल क्लिप (रेल पटरी पर लगे हुक) निकाल दिए गए थे। इसकी सूचना मिलने पर रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया था और फौरन कार्रवाई करते हुए ट्रैक को ठीक कराया था।

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Published By :
Dalchand Kumar
पब्लिश्ड