दिल्ली-अयोध्या समेत देशभर में दिवाली की धूम... PM मोदी ने सुरक्षाकर्मियों के साथ मनाई दीपावली, कहा- आंतरिक सुरक्षा मजबूत तो दुश्मन कुछ नहीं कर पाता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित करनपुर कोबरा ऑपरेशंस बेस में सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाई। दूसरी ओर, देशभर के बाजारों में दिवाली की जबरदस्त धूम देखने को मिली।
- भारत
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दिवाली की खुशियों और रोशनी से पूरा देश सराबोर है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासक बाजारों से लेकर दक्षिण भारत में तमिलनाडु के त्रिची तक हर जगह त्योहार का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लेकिन इस बार की दीपावली केवल दीपों, सजावट और आतिशबाजी तक सीमित नहीं रही; यह दिन देश की संप्रभुता, शांति और आंतरिक सुरक्षा के एक नए युग का प्रतीक भी बन गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर बार की तरह इस साल भी देश की रक्षा में तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाने की अपनी परंपरा को कायम रखा। इस बार वे छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पहुंचे, जो कभी नक्सली गतिविधियों का केंद्र माना जाता था। सुरक्षाकर्मियों के बीच पीएम मोदी की मौजूदगी ने जवानों के हौसले को नई उड़ान दी और उत्सव के रंगों को और गहरा कर दिया।
बस्तर में सुरक्षाबलों के संग पीएम मोदी की दिवाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बस्तर पहुंचे और वहां तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार की खुशियां बांटीं। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत रखने वाले जवान ही उनका असली परिवार हैं। इस अवसर पर पूरा परिसर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने वहां तैनात अधिकारियों और जवानों में एक नया जोश भर दिया।
शहीदों को नमन और कोबरा कैंप का दौरा
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री करनपुर स्थित CoBRA (कमैंडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन) ऑपरेशंस बेस पहुंचे। अबूझमाड़ और बस्तर के घने व दुर्गम जंगलों में नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता में इस कैंप की केंद्रीय भूमिका रही है। पीएम मोदी ने वहां स्थापित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन अमर शहीदों को नमन किया, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने शहीदों के त्याग को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा।
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जब आदिवासी गीतों की धुन पर जवानों संग थिरके प्रधानमंत्री
बस्तर के ऑपरेशंस बेस में उस समय बेहद भावुक और सांस्कृतिक माहौल बन गया जब स्थानीय सुरक्षाकर्मियों ने पारंपरिक आदिवासी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। जवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी भी खुद को रोक न सके और उनके साथ थिरकते नजर आए। प्रधानमंत्री का यह सहज और अपनत्व भरा अंदाज जवानों के दिलों को छू गया। उन्होंने सुरक्षाबलों के साथ सीधा संवाद किया और यह भरोसा दिलाया कि 140 करोड़ देशवासी उनके साहस और समर्पण के ऋणी हैं।
'आंतरिक सुरक्षा मजबूत, तो दुश्मन कुछ नहीं कर सकता'
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर किसी राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा अभेद्य है, तो बाहरी दुश्मन चाहकर भी देश का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने 2026 की इस दिवाली को देश के इतिहास का एक मील का पत्थर करार दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि यह दिवाली नक्सलवाद और माओवादी हिंसा के खिलाफ दशकों तक चली कठिन लड़ाई में भारत की ऐतिहासिक और निर्णायक जीत के बाद पहली दिवाली है। आज देश का हर कोना और हर जिला नक्सलवाद के खौफ से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। जिस बस्तर में कभी भय का साया हुआ करता था, आज वहां शांति और उम्मीद का नया सूरज उग चुका है।
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बस्तर में शांति की स्थापना और विकास की नई सुबह
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि नक्सलवाद केवल हिंसा नहीं था, बल्कि बस्तर के आदिवासी भाइयों-बहनों की प्रगति में सबसे बड़ा रोड़ा था। अब शांति स्थापित होने के बाद बस्तर में विकास की एक नई धारा बह रही है। सड़क, बिजली और संचार नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच दूर-दराज के गांवों तक आसान हो रही है। पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक बदलाव का श्रेय सीआरपीएफ और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस को जाता है।
चांदनी चौक से लेकर त्रिची तक... दिवाली की खरीदारी के लिए बाजारों में जनसैलाब
एक तरफ जहां सरहद और संवेदनशील इलाकों में देश के रक्षक तैनात थे, वहीं दूसरी तरफ देश के शहर त्योहार के उल्लास में रंगे नजर आए। राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक और इलेक्ट्रॉनिक्स के सबसे बड़े बाजार भगीरथ पैलेस में खरीदारी के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। फूलों और पूजा सामग्री के बाजारों में भी खासी रौनक देखने को मिली।
बस्तर में शांति लौटने के साथ-साथ राजधानी रायपुर के बाजार भी रोशनी और सजावटी सामानों की दुकानों से गुलजार रहे। तमिलनाडु के त्रिची स्थित प्रसिद्ध एनएसबी रोड (NSB Road) पर नए कपड़ों और उपहारों की खरीदारी के लिए भारी भीड़ जुटी। लोगों ने आतिशबाजी कर इस पावन पर्व का जोरदार जश्न मनाया।