स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में भारतीय वैज्ञानिक की अहम भूमिका, ICMR पर जेपी नड्डा ने कही ये बात

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने स्वास्थ्य चुनौतियों पर ध्यान देने में अहम भूमिका निभाई है और भारत के स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़

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JP Nadda
JP NaddaJP Nadda | Image: X- @BJP4India

JP Nadda Said This On ICMR: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने स्वास्थ्य चुनौतियों पर ध्यान देने में अहम भूमिका निभाई है और भारत के स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

नड्डा ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के 113वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘डीएचआर-आईसीएमआर हेल्थ रिसर्च एक्सिलेंस समिट 2024’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘आईसीएमआर जैवचिकित्सा अनुसंधान में सबसे आगे रहा है, जिसने कुछ सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तपेदिक, मलेरिया और कोविड-19 जैसी संक्रामक बीमारियों से निपटने से लेकर गैर-संचारी रोगों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण संबंधी विकारों के लिए समाधान विकसित करने तक, आईसीएमआर ने भारत के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है।’’

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने देश में वैज्ञानिक नवाचार बढ़ाने में आईसीएमआर के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सम्मेलन में कहा कि भारत के वैज्ञानिक परिदृश्य में संरचनात्मक बदलाव हो रहा है। पटेल ने कह कि आईसीएमआर भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है और जैवचिकित्सा तथा वैज्ञानिक क्षेत्र में उसके योगदान का एक समृद्ध इतिहास है। उन्होंने कहा कि शुरू की जा रहीं अनेक योजनाएं अनुसंधान विचारों और अवधारणाओं को आगे बढ़ाने में मददगार होंगी।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By :
Sadhna Mishra
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