'अगर गोहत्या पर सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो...', शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दी कठोर कदम उठाने की चेतावनी

देश में गो हत्या पर प्रतिबंध और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने पर फैसला लेने के लिए केंद्र सरकार को समय देने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया दी है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Swami Avimukteshwaranand
Swami Avimukteshwaranand | Image: grab

Swami Avimukteshwaranand Saraswati on Cow Slaughter: ज्योतिष पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देश में गो हत्या पर प्रतिबंध और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने पर फैसला लेने के लिए केंद्र सरकार को 30 दिनों से अधिक का समय दिया है। अब इसे लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इंतजार कर रहे हैं। अगर उनकी मांगों को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो वह 17 मार्च को कठोर कदम उठाएंगे।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज कहते हैं, '17 मार्च को गौमाता के लिए हमने सरकार को समय दिया है कि देश में जितनी पार्टियां और सरकारें हैं वह सभी मिलकर बताएं कि आखिरकार वह क्या चाहती हैं... गौ हत्या रोकना चाहती है या फिर जैसे आजादी के बाद से गौ हत्याओं को जारी रखा गया है वैसे ही आगे भी जारी रखना चाहती हैं। हमने 17 मार्च को अंतिम निर्णय करने के लिए उन्हें समय दिया है। हम 17 मार्च की शाम 5 बजे तक सरकार और सभी पार्टियों (पक्ष-विपक्ष) की नीति (गौ हत्या को लेकर) का इंतजार करेंगे। उसके बाद फिर हम अपनी नीति बनाना चाहते हैं।'

केंद्र सरकार को अल्टीमेटम

इससे पहले उन्होंने संवाददातओं को संबोधित करते हुए कहा था कि शास्त्रों में उल्लेख है कि गाय के शरीर में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है। हम पिछले डेढ़ साल से गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए आंदोलन चला रहे हैं। अब हमने निर्णय लिया है कि हम 33 दिनों की पदयात्रा निकालेंगे। यह यात्रा 17 मार्च को दिल्ली जाकर खत्म होगी। ऐसे में केंद्र सरकार के पास फैसला लेने के लिए 33 दिनों का समय है। अगर वह कोई फैसला नहीं लेती है तो हम 17 मार्च को शाम पांच बजे के बाद कोई कड़ा निर्णय लेंगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा था, 'हम पिछले डेढ़-दो सालों से गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के जरिये इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि केंद्र सरकार इस बारे में अपना मत स्पष्ट करेगी। ऐसे में तमाम संत-महात्माओं के साथ विचार-विमर्श करने के बाद केंद्र को समय दे रहे हैं। सरकार 17 मार्च के शाम 5 बजे तक गौ माता के संबंध में जो भी ऐलान करना चाहती है कर दें। वरना हम मान लेंगे की सरकार गौहत्या जारी रखना चाहती है।

Advertisement

'…विचार करेंगे की सरकार को केंद्र में जारी रखें या नहीं'

उन्होंने यह भी कहा था कि अगर केंद्र सरकार गोहत्या जारी रखना चाहती है तो हिंदू समाज इस बात पर विचार करेगा कि वह केंद्र में इस सरकार को जारी रखना चाहेगा या नहीं। हमारी सरकार से मांग है कि गाय को पशु की श्रेणी से हटाकर राष्ट्र माता घोषित किया जाए और गोहत्या को अपराध माना जाए। 

यह भी पढ़ें: 'पंजाबी में फेल तो नहीं मिलेगा सर्टिफिकेट', भगवंत मान सरकार के सख्त निर्देश, सभी बोर्ड को मानना होगा फैसला

Advertisement

(इनपुट भाषा )

Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड