कॉकपिट खोला, हनुमान चालीसा पढ़ने लगा...PM मोदी से फोन पर बात कर कैप्टन स्मित ने सुनाई पूरी कहानी, को-पायलट ने की थी प्लेन क्रैश करने की कोशिश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की है। बातचीत के दौरान भारतीय पायलट ने घटना की जानकारी दी और बताया कि उन्हें किस चीज से हिम्मत मिली।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की है। बातचीत के दौरान भारतीय पायलट ने घटना की जानकारी दी और बताया कि उन्हें किस चीज से हिम्मत मिली। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की तारीफ की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। आपको बता दें कि एक दिन पहले पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और उनके माता-पिता से भी बात की थी।
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को उस खौफनाक घटना के बारे में बताया और यह भी साझा किया कि मुश्किल हालात में उन्हें हिम्मत कहां से मिली। कैप्टन स्मित ने बताया कि विमान में संकट के समय वह हनुमान चालीसा का जाप कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब भी वह किसी मुश्किल में होते हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल वक्त में भी वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं गिर गया था लेकिन किसी तरह उठकर कॉकपिट खोला।
'मैं नीचे गिरा हुआ था, तब मुझे एहसास हो रहा था कि स्थिति खराब हो रही है'
स्मित ने कहा, मुझे लगा कि अगर मैं नहीं उठा और कोई कदम नहीं उठाया, तो हालात और खराब हो जाएंगे। मैं 17 साल से जहाज उड़ा रहा हू्ं और पिछले 11 साल से कैप्टन हूं। मुझे आंख बंद करके भी पता चलता है कि जहाज में क्या हो रहा है। जब मैं नीचे गिरा हुआ था, तब मुझे एहसास हो रहा था कि स्थिति खराब हो रही है।"
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कैप्टन स्मित ने कहा कि उन्होंने अंतिम कोशिश करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद अन्य लोग आ सके। उन्होंने कहा कि इस पूरी कोशिश में बाकी लोगों की भी अहम भूमिका थी।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी जान बचाने के हिसाब से कर रहा था, लेकिन उसी समय मुझे पता था कि मैं उन लोगों को मरने नहीं दे सकता।"
स्मित मच्छार पर फ्लाइट में को-पायलट ने किया था हमला
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मूल रूप से गुजराती कैप्टन स्मित मच्छार पर दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट ने उड़ान के दौरान हमला किया था। चाकू से हुए हमले में घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने यात्रियों और क्रू के साथ-साथ विमान को सुरक्षित रखा। विमान में अधिकतर इजरायली नागरिक थे, जिन्होंने को-पायलट को पकड़ा और बाद में तबूक एयरपोर्ट पर फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग हुई।