Hydrogen Train: न धुआं, न प्रदूषण... भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली मंजूरी, जींद-सोनीपत रूट पर चलेगी

भारतीय रेलवे ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मंजूरी दे दी। जो जिंद-सोनीपत रूट पर चलेगी। ये ट्रेन भारतीय रेल यात्रा में आधुनिक बदलाव लाने में बड़ा कदम होगी। जानें कब शुरू होगी सेवा और इस ट्रेन से जुड़ी खास बातें।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Hydrogen Train
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली हरी झंडी | Image: X

Hydrogen Train India: भारतीय रेलवे ने देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन वाली ट्रेन को मंजूरी दे दी है। जी हां मिली जानकारी के मुताबिक, ये 10 कोच वाली डीईएमयू ट्रेन उत्तरी रेलवे के जिंद और सोनीपत स्टेशन के बीच चलेगी। रेल मंत्रालय ने RDSO (Research Designs and Standards Organisation) की तकनीकी स्वीकृति के बाद ये फैसला लिया है। खास बात ये है कि ट्रेन डीजल या बिजली के बजाय हाइड्रोजन ईंधन सेल का इस्तेमाल करेगी। इससे 1,200 किलोवाट बिजली बनेगी जो पूरी ट्रेन में वितरित होगी। ये डीपीआरएस (Distributed Power Rolling Stock) तकनीक पर काम करेगी। इस ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।

कब शुरू होगी हाइड्रोजन ईंधन वाली ट्रेन? 

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी मिलने का मतलब तुरंत ट्रेन चलना नहीं,अभी कई सुरक्षा जांच और अनुपालन प्रक्रियाएं बाकी हैं। उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक को आरडीएसओ, सीसीआरएस और पीईएसओ जैसी एजेंसियों से जरूरी रिपोर्ट जमा करनी होंगी। पीईएसओ ने जिंद में हाइड्रोजन गैस भरने का लाइसेंस पहले ही दे दिया है। वहीं ट्रेन का रखरखाव दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में होगा। शुरुआती तीन महीने तक ट्रेन के साथ प्रशिक्षित तकनीकी टीम रहेगी ताकि कोई समस्या आने पर तुरंत निपटाया जा सके।

प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद 

हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह ग्रीन एनर्जी पर चलने वाली होगी। इससे प्रदूषण बहुत कम होगा। रेलवे का लक्ष्य है कि भविष्य में ज्यादा रूटों पर ऐसी ट्रेनें चलाई जाएं। सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो, हाइड्रोजन गैस से जुड़े सेंसर की नियमित सफाई की जाएगी। रिफ्यूलिंग स्टेशन और ट्रेन स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेन को शकूरबस्ती ले जाने के लिए शुरुआत में डीजल लोकोमोटिव का इस्तेमाल होगा। रेलवे इस प्रोजेक्ट को बहुत सावधानी से आगे बढ़ा रहा है। सफल होने पर यह भारत की रेल यात्रा को साफ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

यह भी पढ़ें: Ebola Virus: भारत में 'इबोला' वायरस की एंट्री! एक महिला में दिखे लक्षण

Advertisement
Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड