'हाइड्रोजन हमारा भविष्य है, आने वाले समय में भारत एनर्जी आयात नहीं निर्यात करने वाला देश बनेगा', नितिन गडकरी ने किया बड़ा दावा
दिल्ली के ला मेरिडियन होटल में रिपब्लिक भारत के 'राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 'हाइड्रोजन हमारा भविष्य है' और आने वाले समय में भारत ऊर्जा का आयात करने के बजाय निर्यात करने वाला देश बनेगा। नितिन गडकरी का यह बयान भारत की आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाले एक क्रांतिकारी बदलाव की ओर संकेत करता है।
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दिल्ली के प्रतिष्ठित ला मेरिडियन होटल में रिपब्लिक भारत के चर्चित मंच 'राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस खास कार्यक्रम में देश के कई दिग्गजों ने शिरकत की। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
'हाइड्रोजन ही हमारा भविष्य है'
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने हरित ऊर्जा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय हाइड्रोजन फ्यूल का है। देश में प्रदूषण को कम करने और ईंधन के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता घटाने के लिए हाइड्रोजन सबसे प्रभावी और टिकाऊ विकल्प साबित होगा। सरकार लगातार इस दिशा में नए विकल्प विकसित कर रही है।
ऊर्जा आयातक नहीं, निर्यातक बनेगा भारत
नितिन गडकरी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत बहुत जल्द अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना बंद कर देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत ईंधन और ऊर्जा आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि इसे दुनिया भर में निर्यात (Export) करने वाला देश बनेगा। इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति भी सशक्त होगी।
हिंदू राजाओं ने कभी नहीं कराया धर्मांतरण- राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन में गडकरी
रिपब्लिक भारत के 'राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026' में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक और बयान काफी चर्चा में रहा। भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रवाद के विभिन्न पहलुओं पर बात करते हुए उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित किया।
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'आप इतिहास पढ़िए, सत्य सामने आ जाएगा'
मंच से बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा, "आप इतिहास उठाकर देख लीजिए, आपको एक भी ऐसा हिंदू राजा नहीं मिलेगा जिसने किसी का जबरन धर्मांतरण कराया हो या किसी की मस्जिद तोड़ी हो।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति हमेशा से सहअस्तित्व, सहिष्णुता और 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत पर आधारित रही है।
भारतीय संस्कृति की महानता और सहिष्णुता
गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का मूल स्वभाव कभी आक्रामक नहीं रहा। हमारे राजाओं ने धर्म और संस्कृति का प्रसार हमेशा विचारों और उच्च नैतिक मूल्यों के माध्यम से किया, न कि बल या भय के प्रयोग से। उनका यह वक्तव्य सम्मेलन में मौजूद दर्शकों और श्रोताओं के बीच आकर्षण तथा चर्चा का मुख्य केंद्र बना रहा।