HRTC चालक आत्महत्या: जांच रिपोर्ट में कहा गया-लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई थी कार्रवाई
हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) के जिस चालक ने स्थानीय इकाई प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर आत्महत्या की थी, उसे अतीत में लापरवाही से वाहन चलाने और अवज्ञा के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
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हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) के जिस चालक ने स्थानीय इकाई प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर आत्महत्या की थी, उसे अतीत में लापरवाही से वाहन चलाने और अवज्ञा के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात कही गयी है।
संजय कुमार की आत्महत्या के कारणों की एचआरटीसी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह भी बताया गया है कि वह बिना मंजूरी के सात जनवरी को पांच दिन की छुट्टी पर चले गए थे। रिपोर्ट में मृत चालक द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोप का कोई सबूत नहीं मिला है।
एचआरटीसी की धरमपुर इकाई में चालक के रूप में काम करने वाले कुमार ने हाल ही में जहरीला पदार्थ खाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि वह तीन जून 2024 को एचआरटीसी की धरमपुर इकाई में शामिल हुए थे और तब से 72 दिनों की छुट्टी ले चुके हैं, जिनमें से 28 दिन की छुट्टी सात दिसंबर 2024 से तीन जनवरी 2025 के बीच ली गई।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सात जनवरी को कुमार ने संबंधित बस अड्डा प्रभारी को पांच दिन की अतिरिक्त छुट्टी के लिए आवेदन दिया था और बिना इसे मंजूर कराए ही छुट्टी पर चले गए थे। इसमें कहा गया है कि मृत कर्मचारी को पहले भी लापरवाही से वाहन चलाने और अवज्ञा के लिए अनुशासनात्मक जांच का सामना करना पड़ा था।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे पहले वह रामपुर यूनिट में काम कर रहे थे जहां उन्हें शराब पीने और लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। उनकी मृत्यु से पहले 13 जनवरी को रिकॉर्ड किया गया एक कथित वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुमार को स्थानीय इकाई पर दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है।
वीडियो में कुमार ने दावा किया था कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने पिछले चार महीनों से उनका वेतन रोक रखा है और उन्हें परेशान भी किया है। हालांकि, जांच रिपोर्ट के अनुसार उन्हें दिसंबर 2024 तक का वेतन दिया जा चुका है। इस बीच एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की प्रामाणिकता की जांच और सत्यापन तथा स्थानीय इकाई प्रबंधन की भूमिका और आचरण की जांच के लिए विस्तृत जांच चल रही है।