माओवाद को खत्म कर गढ़चिरौली को औद्योगिक केंद्र बनाना आपके लिए कितनी बड़ी चुनौती है? CM देवेंद्र फडणवीस ने दिया जवाब
Republic Summit 2026: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रिपब्लिक समिट के मंच से कहा कि गढ़चिरौली से अब माओवाद खत्म हो चुका है और आने वाले समय में उसे औद्योगिक केंद्र का हब बनाने जा रहे हैं।
- भारत
- 3 min read

Republic Summit 2026: मुंबई में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के समिट का शानदार आगाज हुआ। इसमें मनोरंजन, राजनीति, व्यापार एवं उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने शिरकत की। रिपब्लिक समिट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी शिरकत की।
समिट के दौरान रिपब्लिक मीडिया के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने उनसे पूछा कि माओवाद को खत्म कर गढ़चिरौली को औद्योगिक केंद्र बनना आपके लिए कितनी बड़ी चुनौती है? तो सीएम ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अब गढ़चिरौली में माओवाद खत्म हो चुका और आने वाले समय में गढ़चिरौली को औद्योगिक केंद्र का हब बनाने जा रहे हैं।
गढ़चिरौली में कोई माओवाद आतंक नहीं-CM फडणवीस
गढ़चिरौली औद्योगिक केंद्र का हब बनाने के सवाल का जवाब देते हुए CM फडणवीस में कहा कि 'गढ़चिरौली में जैसे-जैसे विकास आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे वहां के लोग आगे बढ़ रहे हैं। आज वहां माओवादी आतंक खत्म हो चुका है और वहां पर अच्छी शिक्षा और रोजगार के मौके मिल रहे हैं, जिससे वहां के लोग सरकार के साथ जुड़ रहे हैं।
आगे उन्होंने कहा कि पहले गढ़चिरौली में कोई भी जाने से डरता था, लेकिन आज के समय कोई भी बिना पुलिस के घूमने और काम के लिए जा सकता है। वहां जैसे-जैसे विकास हो रहा है वैसे-वैसे स्थानीय लोग रोजगार से जुड़ रहे हैं और पैसा कमा रहे हैं।
Advertisement
गढ़चिरौली स्टील हब बनने को तैयार-CM फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्र से बदलकर औद्योगिक और खनन केंद्र (Mining Hub) के रूप में विकसित करने की चुनौती पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। एक सवाल के जवाब में सीएम फडणवीस ने कहा कि आने वाले समय में गढ़चिरौली पूरे महाराष्ट्र का स्टील हब बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि गढ़चिरौली इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट और लौह अयस्क शोधन संयंत्र की नींव रखी गई है, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
CM फडणवीस ने क्यों दिया एक महिला का उदाहरण?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गढ़चिरौली के विकास का उदाहरण देते हुए एक महिला का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब कुछ समय पहले गढ़चिरौली गया था, तो एक महिला ड्राइवर से मिला था और उस समय उस महिला ने बताया कि पहले 32 हजार पगार मिलता था, लेकिन इलाके में विकास होने के बाद आज के समय में 54 हजार के पास पगार मिलता है।