HMPV Virus: भारत में तेजी से फैल रहा है 'महामारी' का वायरस, असम में 10 महीने का मासूम हुआ शिकार, जानें पूरे देश का आंकड़ा
भारत में HMPV वायरस के हर दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। अब नॉर्थ- ईस्ट राज्य असम में भी इसके पहले केस की पुष्टि हुई है।
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चीन में फैले ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) ने अब भारत में भी तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। एक के बाद एक कई शहरों में तेजी से बच्ची इसकी चपेट में आ रहे हैं। नॉर्थ- ईस्ट राज्य असम में भी इसके पहले केस की पुष्टि हुई है। यहां इस वायरस की चपेट में एक 10 महीने का बच्चा आया है। बच्चे का इलाज अस्पताल में चल रहा है। देश में HMPV के सबसे ज्यादा मामले गुजरात में हैं।
भारत में HMPV वायरस के हर दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु के साथ अब नॉर्थ- ईस्ट राज्य असम में इसके पहले मामले की पुष्टि हो गई है। इसके अलावा पुडुचेरी में भी एक तीन साल का बच्चा HMPV पॉजिटिव पाया गया है। असम में 10 महीने के एक बच्चे में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस संक्रमण का पता चला है। बच्चे का डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (AMCH) में इलाज चल रहा। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है।
असम में HMPV वायरस के पहला मामला
असम में HMPV वायरस के पहले मामले पर असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधीक्षक ध्रुव ज्योति ने कहा, आज सुबह हमें रिपोर्ट मिली कि एक बच्चा जो यहां आया था, उसे खांसी और लक्षण थे, उसमें HMPV वायरस का पता चला। परीक्षण नियमित था लेकिन परिणाम सकारात्मक आए। चिंता की कोई बात नहीं है, बच्चा बिल्कुल ठीक है। यह 10 महीने का बच्चा है।
देश के इन राज्यों में फैला HMPV वायरस
देश में HMPV वायरस का पहला मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मिला था। यहां 8 महीने की बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद कई और शहरों में इस वायरस ने पैर पसार लिए। HMPV के सबसे ज्यादा 4 मामले गुजरात में हैं। महाराष्ट्र में 3, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2, यूपी, राजस्थान, असम और बंगाल में एक-एक केस सामने आया है। पुडुचेरी में भी एक तीन साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पूरे देश में HMPV के 16 केस सामने आए हैं।
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क्या है HMPV वायरस?
US सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, HMPV सभी उम्र के लोगों, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ऊपरी और निचले श्वसन रोग का कारण बन सकता है। 2001 में इसका पता लगाया गया था और यह श्वसन सिंकिटियल वायरस (RSV) के साथ न्यूमोविरिडे से संबंधित है। HMPV के लक्ष्णों की बात करें, तो इसमें सामान्य सर्दी या फ्लू जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं। गंभीर मामलों में, यह घरघराहट या सांस की तकलीफ, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या अस्थमा के बढ़ने का कारण बन सकता है।
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