भोजशाला विवाद मामले में हिंदू पक्ष ने किया सुप्रीम कोर्ट का रूख, इस आदेश को वापस लेने की लगाई गुहार

हिंदू पक्ष ने कहा 2047 पन्नों की ASI रिपोर्ट दाखिल की गई है, जिसमें कई सनातन संस्कृति की कई निशानियां मिली है।

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Bhojshala Case
भोजशाला विवाद मामला | Image: PTI/File

Bhojshala dispute case: भोजशाला विवाद मामले को लेकर हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर एक अप्रैल के आदेश वापस लेने की गुहार लगाई गई है। याचिका में ASI रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को कार्रवाई न करने के आदेश को वापस लेने की मांग की गई है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि ASI रिपोर्ट के आधार पर किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले मामला अदालत के संज्ञान में आना चाहिए। हिंदू पक्ष इसी आदेश को वापस लेने की मांग कर रहा है।

हिंदू पक्ष ने याचिका में क्या कहा? 

हिंदू पक्ष ने अपनी याचिका में कहा है कि मस्जिद कमेटी ASI जांच पर रोक को मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट आई थी। ASI जांच पूरी हो चुकी है और हाई कोर्ट में रिपोर्ट भी दाखिल की जा चुकी है। हिंदू पक्ष ने कहा 2047 पन्नों की ASI रिपोर्ट दाखिल की गई है, जिसमें कई सनातन संस्कृति की कई निशानियां मिली है। न्याय के हित में सुप्रीम कोर्ट को अपना अंतरिम आदेश वापस लेना चाहिए, जिससे हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई आगे बढ़ सके।

भोजशाला का ASI सर्वे

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित 13वीं शताब्दी की ऐतिहासिक भोजशाला पर हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम भी दावा करते हैं। लगभग 98वें दिनों तक चली आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की सर्वे रिपोर्ट 15 जुलाई को हाई कोर्ट में पेश कर दी। धार स्थित भोजशाला में 98वें दिन ASI के 6 अधिकारियों के साथ 32 मजदूरों ने काम किया। इंदौर हाई कोर्ट ने 11 मार्च 2024 को धार के भोजशाला में 500 मीटर के दायरे में वैज्ञानिक सर्वे कार्य करने का आदेश ASI को दिया था।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार ASI रिपोर्ट में भोजशाला के खंभों पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति और निशान का जिक्र है। ASI को यहां जांच के दौरान श्रीकृष्ण, भगवान शिव, जटाधारी भोलेनाथ, ब्रह्मा समेत 94 देवी-देवताओं की मूर्ति मिली हैं। रिपोर्ट में परिसर से चांदी, तांबे, एल्यूमीनियम और स्टील के 31 सिक्के मिलने की भी बात कही। मामले में सुनवाई अब 22 जुलाई को होनी है। 

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Published By :
Ruchi Mehra
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