अपडेटेड 17 March 2026 at 12:56 IST
हिमाचल प्रदेश में बड़ा आर्थिक संकट, सरकार ने खत्म की कैबिनेट रैंक सुविधाएं, 20 फीसदी वेतन और भत्ते रोके
हिमाचल प्रदेश सरकार ने खर्च कम करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया। बोर्ड, निगम व आयोगों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन और सलाहकारों को मिलने वाली कैबिनेट रैंक सुविधाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं।
- भारत
- 2 min read

Himachal economic crisis : हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन और सलाहकारों को मिलने वाली कैबिनेट रैंक सुविधाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी हैं। इस फैसले से राज्य सरकार के खर्च में कमी आएगी।
सरकार ने फैसला किया है कि अब बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन और सलाहकारों को दी जाने वाली कैबिनेट रैंक की सुविधाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी जाएंगी। यानी अब इन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर वेतन, भत्ते, सुविधाएं और स्टाफ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा, इन पदों पर बैठे लोगों को मिलने वाला 20 फीसदी वेतन और भत्तों को 30 सितंबर, 2026 तक के लिए रोक दिया गया कर है। हाल ही में रैवेन्यू डेफेसिट ग्रांट बंद करने और आर्थिक संकट के बीच राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।
विभाग के सचिवों को आदेश जारी
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के सचिवों को आदेश जारी किए हैं कि वे इस फैसले को फौरन लागू करें और इसका पालन सुनिश्चित करें। यह कदम राज्य सरकार के खर्च को कम करने के लिए उठाया गया है। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है, ताकि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके और प्रदेश मजबूत बने।
Advertisement
यह फैसला प्रदेश के विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिसमें अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाई गई है।
Advertisement
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 17 March 2026 at 12:33 IST