हाईराइज इमारतों में रहने वाले लोगों को सता रही जान की चिंता, लगातार बढ़ रही आग लगने की घटना, अपनाएं ये सेफ्टी गाइडलाइंस तो रहेंगे सुरक्षित

हाईराइज इमारतों में आग लगने की जिम्मेदारी फ्लैट में रहने वाले लोगों के साथ-साथ सोसायटियों की बनावट और इसके रख-रखाव को देखने वालों की भी होती है। ऐसे में कुछ सेफ्टी गाइडलाइंस का अगर पालन कर लिया जाए तो खतरे को कम किया जा सकता है। जानें इन गाइडलाइंस के बारे में...

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
High-Rise Society Fire Safety
हाईराइज इमारतों में रहने वाले लोग अपनाएं ये सेफ्टी गाइडलाइंस तो रहेंगे सुरक्षित | Image: Reprsentative

गर्मियों के दिन में आग लगने की घटना बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिनों में नोएडा की हाईराइज सोसायटी से भी लगातार आग लगने की घटना सामने आ रही है। इन हादसों ने न केवल लोगों की जान-माल को खतरे में डाला है, बल्कि शहरी जीवन की बुनियादी सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊंची-ऊंची बिल्डिंग से उठती आग की लपटें दिल दहला देने वाली होती है। ऐसे में हाईराइज इमारतों में रहने वाले लोगों को कुछ जरूरी सेफ्टी गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए, ताकि अगर आग लगने जैसी घटना हो तो खुद को सुरक्षित बचा सकें।

हाईराइज इमारतों में आग लगने की जिम्मेदारी फ्लैट में रहने वाले लोगों के साथ-साथ सोसायटी की बनावट और इसके रख-रखाव को देखने वालों की भी होती है। लोग-लोग अपने फ्लैट में सामान्य दिनचर्या में व्यस्त होते हैं, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से आग भड़क उठती है। हाईराइज इमारतों की संरचना ऐसी होती है कि आग एक फ्लैट या एक मंजिल तक सीमित नहीं रहती। लपटों के साथ घना धुआं तेजी से पूरे ब्लॉक में फैल जाता है और कई परिवारों को अपनी चपेट में ले लेता है।

सोसायटी के रखरखाव में लापरवाही बनती है आग कारण

इसके अलावा कई सोसायटी में रखरखाव की घोर लापरवाही देखी जा रही है। स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर बंद पड़े रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आग से ज्यादा खतरनाक उसका धुआं होता है। अगर कॉमन डक्ट्स और वेंटिलेशन शाफ्ट साफ नहीं हैं तो धुआं कुछ ही मिनटों में फ्लैटों के अंदर घुस जाता है, जिससे दम घुटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

AC ब्लास्ट की वजह से भी फ्लैट में आग

गर्मियों में AC, गीजर और अन्य भारी विद्युत उपकरणों का अचानक बढ़ा हुआ उपयोग ओवरलोडिंग का कारण बनता है। पुरानी वायरिंग, घटिया गुणवत्ता वाले तारों की वजह से ओवरहीटिंग होती है, जो शॉर्ट सर्किट को न्योता देती है। बिना सर्विसिंग के ही घंटों AC का इस्तेमाल करना भी एक कारण बनता है। कई कैस में AC ब्लास्ट की वजह से भी फ्लैट में आग लग जाती है।

Advertisement
Uploaded image

हाईराइज सोसायटी में स्मोक अलार्म जरूरी

ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए शानदार व्यू, लिफ्ट और सुरक्षा गार्ड जितना महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण फायर सेफ्टी भी होना चाहिए है। कई अपार्टमेंट में स्मोक अलार्म और सिक्योरिटी सिस्टम तो लगे होते हैं, लेकिन इन्हें पर्याप्त नहीं माना जा सकता। कई केस में तो ये खराब पड़े रहते हैं।

आगे लगने के बाद हमेशा फ्लान B रखें तैयार

आग लगने की स्थिति में लोगों को तुरंत बाहर निकलने का पूर्व निर्धारित प्लान तैयार रखना चाहिए। इस प्लान में अपार्टमेंट का पूरा नक्शा होना चाहिए, जिसमें खिड़कियां, दरवाजे, सीढ़ियां और वैकल्पिक निकास मार्ग साफ-साफ लाल रंग से चिह्नित हों। बुजुर्गों और छोटे बच्चों की सुरक्षित निकासी पहले होनी चाहिए। नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) और दिल्ली-एनसीआर फायर सर्विसेज के दिशा-निर्देशों के मुताबिक हर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और नागरिक को सख्ती से पालन करना चाहिए।

Advertisement
Uploaded image

अपनाएं ये सेफ्टी गाइडलाइंस तो रहेंगे सुरक्षित

  • हर फ्लैट में कम से कम एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर और स्मोक अलार्म जरूर लगवाएं।  
  • गर्मियों से पहले सभी विद्युत उपकरणों (AC, गीजर, माइक्रोवेव) की सर्विसिंग जरूर कराएं।
  • फायर ड्रिल का नियमित अभ्यास करें।
  • लोकल एक्सटेंशन बोर्ड्स पर ज्यादा लोड न डालें।
  • पुराने और कमजोर तारों को समय रहते बदल दें।


 प्रशासन और फायर विभाग की ओर से भी हाईराइज सोसायटियों में सख्त जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग बढ़ रही है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में रोके जा सकें। फिलहाल निवासियों को सतर्क रहने, सेफ्टी गाइडलाइंस का पालन करने और फायर सेफ्टी उपकरणों को सक्रिय रखने की अपील की जा रही है।

यह भी पढ़ें: पुणे में बड़ा हादसा, सिलेंडर ब्लास्ट के बाद अफरा-तफरी, 1 की मौत

Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड