Eid Holiday: हरियाणा सरकार ने ईद की छुट्टी रद्द की तो मचा बवाल, मौलाना शहाबुद्दीन आगबबूला- ये नाइंसाफी है, हुकूमत का चेहरा...
हरियाणा सरकार ने फाइनेशियल ईयर एंडिंग और मार्च क्लोजिंग का हवाला देते हुए ईद की छुट्टी रद्द करने का आदेश दिया है। सरकार के इस फैसले से मौलाना भड़क गए हैं।
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Eid Holiday: हरियाणा सरकार ने फाइनेशियल ईयर एंडिंग और मार्च क्लोजिंग का हवाला देते हुए ईद की छुट्टी रद्द करने का आदेश दिया है। हरियाणा सरकार के इस फैसले से मौलाना भड़क गए हैं। मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने इस आदेश को मुसलमानों के साथ अन्याय करार देते हुए इसे न्याय और इंसाफ का खून करार दिया है।
मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कहा कि ईद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्यौहार है और उसकी वजह यह है कि एक महीना हम सब मुसलमान रमजान में रोजे रखते हैं, इबादत करते हैं, उसके बाद फिर जब महीना मुकम्मल हो जाता है तो ईद आता है और यह मुसलमान के लिए सबसे बड़ी खुशी होती है। उस दिन लोग नमाज पढ़ते हैं, देश की खुशहाली के लिए, अपने परिवार की खुशहाली के लिए दुआएं करते हैं। अब ऐसी हालत में हरियाणा हुकूमत ने जो ईद की छुट्टी कैंसिल की है, यह गैर इंसाफ, गैर न्याय का काम किया है और हरियाणा हुकूमत का चेहरा उजागर होकर के सबके सामने आ गया है कि वह कि वह मुस्लिम दुश्मनी में कितनी आगे है।
हरियाणा हुकूमत ने मुस्लिम दुश्मनी चेहरा सामने कर दिया- मौलाना रिजवी
मौलाना रिजवी बरेलवी ने कहा कि किस हद तक मुस्लिम दुश्मनी में हरियाणा की हुकूमत, वहां के मुख्यमंत्री कितना आगे जा सकते हैं। जब इन्होंने कसम खाई थी तो यही कहा था कि सबके साथ न्याय करेंगे, इंसाफ करेंगे, कोई भेदभाव नहीं करेंगे। यह कैसा इंसाफ है, यह कैसा न्याय है? यह न्याय नहीं, यह इंसाफ नहीं, यह ना इंसाफी है, और अन्याय है। इस तरीके से अपना चेहरा जाहिर करके मुस्लिम दुश्मनी पर आधारित अपनी पृष्ठभूमि दिखा करके यह सरकार बताना चाहती है कि हम बहुसंख्यकों को खुश कर रहे हैं। मगर ईद का दिन वैसा देना है जिस दिन बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक लोग सब लोग में एक दूसरे से गले मिलते हैं, एक दूसरे को त्यौहार के मुबारकबाद देते हैं। लेकिन हरियाणा हुकूमत ने मुस्लिम दुश्मनी चेहरा सामने कर दिया है।