अपडेटेड 14 October 2024 at 11:18 IST
हरियाणा में शपथ 17 अक्टूबर को ही क्यों... नई तारीख चुनकर क्या संदेश देना चाह रही है बीजेपी?
Haryana News: 17 अक्टूबर को वाल्मिकी जयंती है। माना जा रहा है कि दलितों को संकेत देते हुए हरियाणा में नई भाजपा सरकार 17 अक्टूबर को शपथ लेगी।
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Haryana News: हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी तीसरी बार सरकार बनाने को तैयार है। 17 अक्टूबर को नई बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य केंद्रीय मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। हालांकि बीजेपी ने लगातार तारीख बदलने के बाद 17 अक्टूबर की तारीख को शपथ ग्रहण के लिए चुना।
8 अक्टूबर को घोषित हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला है। शपथ ग्रहण को लेकर चर्चा थी कि दशहरे के बाद 15 अक्टूबर को नई सरकार का गठन हो सकता है। हालांकि इस तारीख में बदलाव हुआ और भारतीय जनता पार्टी ने सरकार गठन के लिए 17 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। फिलहाल बीजेपी ने इसी दिन को क्यों चुनाव है, इसको समझने की कोशिश करते हैं।
हरियाणा में शपथ 17 अक्टूबर को ही क्यों?
17 अक्टूबर को वाल्मिकी जयंती है। माना जा रहा है कि दलितों को संकेत देते हुए हरियाणा में नई भाजपा सरकार 17 अक्टूबर को शपथ लेगी। वैसे भी जाटलैंड कहे जाने वाले हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी अक्सर गैर जाट की राजनीति करती रही है। किसान-पहलवान जैसे मुद्दों के बाद बीजेपी को लेकर जाटों में आक्रोश देखा गया। ऐसे में बीजेपी ने गैर-जाट की राजनीति को बरकरार रखते हुए समाज के दूसरे वर्गों को तवज्जो दी और तीसरी बार राज्य में जीत के साथ इसका नतीजा निकला। इसीलिए 17 अक्टूबर के दिन शपथ के मायने वाल्मिकी जयंती के सहारे दलितों को संकेत के रूप में निकाले जा रहे हैं।
इसको ऐसे भी समझ सकते हैं कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने अनुसूचित जातियों (एससी) के लिए आरक्षित 17 सीटों में से 8 सीटें जीतीं, जो राज्य की आबादी का लगभग 20 प्रतिशत हैं, जबकि राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मतदाता लगभग 30 फीसदी हैं। चुनावों में बीजेपी का चेहरा राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी थे, जो ओबीसी समुदाय से हैं।
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Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 14 October 2024 at 11:18 IST