AIIMS में हरीश राणा की हालत अब कैसी? वेंटिलेटर हटाया, न भोजन, न पानी... कितनी पूरी हुई पैसिव इच्छामृत्यु की प्रक्रिया

Harish Rana Health Update: हरीश राणा की पैसिव इच्छामृत्यु की प्रक्रिया चल रही है। उनका न्यूट्रिशन सपोर्ट हटा लिया गया है। 10 डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है, पढ़ें सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद क्या-क्या हुआ? जानें पूरी डिटेल

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Harish Rana Case
हरीश राणा की पैसिव इच्छामृत्यु | Image: Republic

Harish Rana Passive Euthanasia: हरीश राणा की मृत्यु किसी भी वक्त हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद दिल्ली के AIIMS में हरीश राणा की पैसिव इच्छामृत्यु की प्रक्रिया चल रही है। वे भारत में इस तरह की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हैं। AIIMS सूत्रों के मुताबिक, उनकी देखभाल 10 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम कर रही है, जिसमें मनोचिकित्सक (Psychiatrist) भी शामिल हैं।

न्यूट्रिशन और वेंटिलेटर सपोर्ट हटाया गया  

भर्ती होने के तुरंत बाद हरीश का न्यूट्रिशन सपोर्ट सिस्टम हटा लिया गया, अब उन्हें किसी भी तरह का वेंटिलेटर सपोर्ट नहीं दिया जा रहा। इलाज के नाम पर सिर्फ कुछ दवाइयां दी जा रही हैं, जिनमें ब्रेन से जुड़ी दवाएं शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक जीवन रक्षक प्रणालियां सुनियोजित तरीके से हटाई जा रही हैं ताकि व्यक्ति की गरिमा बनी रहे।

परिवार को भावनात्मक सहारा, काउंसिलिंग जारी

परिवार की काउंसिलिंग भी लगातार जारी है। AIIMS प्रशासन ने मनोचिकित्सकों की अलग टीम बनाई है जो रोज हरीश के माता-पिता और भाई से बात कर रही है। क्योंकि हरीश सम्मानजनक मृत्यु देने के साथ, परिवार को मानसिक रूप से तैयार करना भी है। सूत्रों ने कहा कि मां ज्यादातर वक्त बेटे के पास ही बैठी रहती हैं। पिता, भाई और बहन भी बीच बीच में मिलने अंदर आते हैं, क्योंकि हरीश के साथ सिर्फ एक व्यक्ति को रहने की अनुमति मिली है।

अंग दान को लेकर परिवार का क्या फैसला? 

हरीश के अंगों की स्थिति अच्छी नहीं है। फिर भी चिकित्सक गहन जांच कर रहे हैं। माता-पिता ने अंग दान का फैसला लिया है ताकि दूसरे मरीजों को नई जिंदगी मिल सके। बता दें हरीश को 14 मार्च को गाजियाबाद के घर से AIIMS के पैलेटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया था। उनकी हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।

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हरीश राणा 2013 से कोमा में…

हरीश राणा साल 2013 से कोमा में हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पैसिव इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू हुई। AIIMS सूत्र बता रहे हैं कि हर कदम कानून और मेडिकल एथिक्स के अनुसार उठाया जा रहा है। इस केस ने देश में इच्छामृत्यु को लेकर बहस छेड़ दी है। फिलहाल AIIMS प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने का भरोसा दिया है।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड