अपडेटेड 16 March 2026 at 13:32 IST

Harish Rana: हरीश को ठीक करने राजस्थान से जड़ी-बूटियों लेकर पहुंचे अखंडानंद बाबा, घंटों किया इंतजार फिर..., बेटे की इच्छामृत्यु पर पिता ने कह दी बड़ी बात

राजस्‍थान के भीलवाड़ा से स्वामी अखंडानंद बाबा अपनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां लेकर हरीश के ठीक करने का दावा करते उनसे मिलने पहुंचे थे। मगर उन्हें खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा।

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Harish Rana
Harish Rana with Father | Image: X

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश राणा की पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्हें अपने घर राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसाइटी से दिल्ली के AIIMS में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां डॉक्टरों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से उनका लाइव सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया जारी है। इस बीच राजस्थान के भीलवाड़ा से स्वामी अखंडानंद बाबा आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां लेकर हरीश को ठीक करने का दावा करते हुए, उनसे मिलने पहुंचे। मगर बेटे की इस हालत पर हरीश के पिता ने कुछ ऐसा कहा कि बाबा को खाली हाथ लौटना पड़ा।

हरीश राणा 13 सालों से कोमा में है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को जस्टिस जे.बी.पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने हरीश राणा के माता-पिता की याचिका पर पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी थी। इसके बाद 32 साल के हरीश को दिल्ली के AIIMS में शिफ्ट किया गया है। हरीश एम्स के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती हैं। उनके दो लाइफ सपोर्ट पाइप हटा दिए गए हैं। आगे की प्रक्रिया डॉक्टरों की देखरेख में की जा रही है। मगर इन सब के बीच हरीश को ठीक करने के अपने पुराने दावों के साथ राजस्‍थान के बाबा अखंडानंद उनसे मिलने पहुंचे थे।

अखंडानंद बाबा ने किया था ये बड़ा दावा

राजस्‍थान के भीलवाड़ा से स्वामी अखंडानंद बाबा अपनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां लेकर हरीश के ठीक करने का दावा करते हुए उनके घर पहुंचे। उन्होंने करीब 5 से 6 घंटे तक सोसायटी के गेट पर इंतजार किया और फिर घर पर एक पत्र भिजवाया। बाद में हरीश के पिता अशोक राणा उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने बाबा को बताया कि हरीश का हर संभव इलाज हो चुका है। उसके मस्तिष्क की नसें सूख चुकी हैं और खून की आपूर्ति भी नहीं हो रही है। ऐसे में उस पर कोई दवा कारगर नहीं है।

हरीश के पिता ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव?

बता दें कि अखंडानंद बाबा ने दावा किया था कि उनके पास देसी जड़ी-बूटियों से बनी दवाइयां हैं। उनके आयुर्वेदिक उपचार से कोमा के मरीज ठीक हो सकते हैं और हाल ही में उन्होंने एक बच्चे को चार दिनों में कोमा से बाहर निकाला। उनकी जड़ी-बूटी से हरीश राणा को नई जिंदगी मिल सकती है। बाबा का यह भी कहना था कि इन दवाओं की जांच एम्‍स के डॉक्‍टरों से कराई जा सकती है। इससे नसें और अंग फिर से काम करना शुरू कर देंगे। हालांकि, परिवार ने उनकी पेशकश ठुकरा दी।

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AIIMS में अंतिम सफर पर हरीश राणा

अशोक राणा ने बताया कि अखंडानंद बाबा को पानी और जूस पिलाया और फिर सम्मान से विदा कर दिया। बता दें कि कोर्ट का फैसले आने के बाद मां-पिता ने एक बयान में कहा था कि 'बेटे के लिए मौत मांगना आसान नहीं' था। मगर उसे दर्द से मुक्ति दिलाने भी जरूरी था। अपने बेटे को पल-पल तड़पते देखना बहुत मुश्किल होता है। कोर्ट के फैसले के बाद डॉक्टर इस बात का पूरा ध्यान रख रहे हैं कि पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया पूरी सावधानी से हो, हरीश को कोई तकलीफ न हो और वे प्राकृतिक, सम्मानजनक तरीके से अपनी अंतिम यात्रा को पूरा करें।

यह भी पढ़ें: AIIMS में हरीश राणा के खाने और सांस लेने के पाइप हटे, आगे क्या होगा?
 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 16 March 2026 at 13:16 IST