अपडेटेड 15 March 2026 at 15:29 IST
VIDEO: 'बेटे के लिए मौत मांगना आसान नहीं', हरीश राणा की अंतिम विदाई ने चीर दिया मां का दिल; सिर सहलाते हुए महिला बोलीं- सबको माफ करते हुए...
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश राणा को एम्स लाया गया, जहां उसकी पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एम्स शिफ्ट होने से पहले हरीश की घर से आखिरी विदाई का वीडियो सामने आया है, जो बेहद भावुक कर देने वाला है।
- भारत
- 4 min read
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी व्यक्ति की इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गाजियाबाद जिले के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसाइटी के निवासी 32 साल हरीश राणा को दिल्ली के AIIMS में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की प्रक्रिया शुरू कर रही है। यह भारत में कोर्ट द्वारा मंजूर पहला ऐसा मामला है। अब एम्स शिफ्ट होने से पहले सोशल मीडिया पर हरीश का घर से आखिरी विदाई एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो कलेजा चीर देना वाला है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश राणा को एम्स लाया गया। कोर्ट ने स्थायी वेजिटेटिव स्टेट में पड़े मरीज के जीवन सहायक उपकरणों को हटाने की अनुमति दी है। जानकारी के अनुसार अब पैलिएटिव केयर में हरीश का पेन मैनेजमेंट किया जाएगा। इस दौरान कोई नया लाइफ सपोर्ट नहीं दिया जाएगा। फिर धीरे-धीरे फीडिंग ट्यूब और अन्य सपोर्ट हटाए जाएंगे, जिससे प्राकृतिक मौत हो सके। इस बीच राजनगर एक्सटेंशन स्थित घर से एम्स शिफ्ट होने से पहले सोशल मीडिया पर 22 सेकंड का हरीश के घर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
हरीश राणा की आखिरी विदाई का भावुक वीडियो
वायरल वीडियो में बिस्तर पर लेटे हरीश के माथे पर एक महिला चंदन का टीका लगाती दिख रही हैं। उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान है, लेकिन आंखों में गहरा दर्द साफ झलक रहा है। महिला प्यार से उनके सिर पर हाथ फेरते हुए कहती हैं, "सबको माफ करते हुए... सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ।" यह आखिरी विदाई का पल परिवार और पड़ोसियों के लिए बेहद भावुक रहा। कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
वीडियो देख आंखे हो जाएंगी नम
हरीश के अपने घर से आखिरी विदाई का यह वीडियो पत्थरदिल को भी पसीज दे रहा है। वीडियो देख लोग अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। वीडियो में मजबूर हरीश बस आंखों को झपका रहा है, क्योंकि आंखों झपकाने के अलावा शरीर के एक अंग को भी हिला-डुला नहीं सकता। किसी भी परिवार के लिए इससे ज्यादा दुख भरा पल शायद नहीं हो सकता, जब अपने जवान बेटे को ऐसे विदा करना पड़ा।
Advertisement
हरीश की मां-पिता के भावुक शब्द
हरीश की मां और पिता पर क्या बीत रही होगी ये शायद शब्दों में बयां करना मुश्किल है। 13 साल से माता-पिता इस उम्मीद में अपना सबकुछ झोंक दिए कि शायद एक दिन ऐसा आएगा, जब उसका बेटे उठ पाएगा, उनसे बातें करेगा, मगर होनी कुछ और मंजूर था। कोर्ट का फैसले आने के बाद मां-पिता ने एक बयान में कहा था कि 'बेटे के लिए मौत मांगना आसान नहीं' था। मगर उसे दर्द मुक्ति दिलाने भी जरूरी था। अपने बेटे को पल-पल तड़पते देखना बहुत मुश्किल होता है।
13 सालों से दर्द में हरीश राणा
वहीं, मां निर्मला देवी ने भी बताया कि किस तरह पिछले 13 सालों से उनका पूरा दिन बेटे के इर्द-गिर्द ही घूमता रहा। इससे पहले हरीश की मां का बेटे के साथ एक तस्वीर सामने आई है जो लोगों को काफी भावुक कर रही है। तस्वीर ऐसी है जो एक तड़पती हुई मां के दर्द को बयां कर रही हो। निर्मला देवी अपने बेटे के सिरहाने बैठी नजर आ रही हैं। आंखों में आंसू भरे, चेहरे पर गहरा दर्द लिए हुए वे बेटे के सिर को प्यार से सहला रही हैं, मानो खामोशी से कह रही हों - "जा बेटा, अब तू सुकून से सो जा।" बता दें कि हरीश राणा को दी गई पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमित उनके माता-पिता की ओर से दायर आवेदन पर दी गई है।
Advertisement
जानें पूरा मामला
हरीश राणा पंजाब यूनिवर्सिटी में बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। साल 2013 में यूनिवर्सिटी के पास अपनी पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए थे, जिससे उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोट आई है। सिर की चोट की वजह से 100% क्वाड्रिप्लेजिया हो गई। पिछले 13 साल से राणा क्वाड्रिप्लेजिया (चारों अंगों का लकवा) से पीड़ित हैं। वे सांस लेने के लिए ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब और खाने के लिए गैस्ट्रोजेजुनोस्टॉमी ट्यूब पर निर्भर हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे इलाज के बाद भी उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। वे पूरी तरह से मशीनी जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 15 March 2026 at 15:29 IST