अपडेटेड 22 March 2026 at 09:15 IST
महंगा हो सकता है आपका हवाई सफर, घरेलू उड़ानों के किराए से सरकार ने हटाई कैपिंग, मिडिल ईस्ट संकट के बीच क्यों लिया फैसला?
Airfare Cap: दिसंबर 2025 में इंडिगो संकट के दौरान सरकार ने एयरफेयर कैप लागू किया था, जिसे अब हटा दिया गया है। इससे हवाई सफर महंगा हो सकता है। नया आदेश 23 मार्च 2026 से लागू होगा।
- भारत
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Centre Lifts Domestic Airfare Cap: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने घरेलू हवाई किरायों पर लगाई गई अस्थायी सीमा (Fare Caps) को हटा दिया है। यह फैसला 23 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। एयरफेयर कैप हटाने से हवाई सफर महंगा हो सकता है। हालांकि, एयरलाइंस कंपनियों को चेतावनी दी गई है कि वे यात्रियों के हितों को ध्यान में रखकर जिम्मेदारी से किराए तय करें।
2025 के अंत में जब इंडिगो एयरलाइंस का संकट देश में गहराया था, तब सरकार ने किराए की एक ऊपरी सीमा तय की थी। विमानों की कमी के चलते टिकटों के दाम अचानक बढ़ गए थे, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह पाबंदी लागू की गई थी।
सरकार ने जारी किया आदेश
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि 6 दिसंबर 2025 को किराया कैप लगाने का फैसला इसलिए लिया गया था, क्योंकि इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने से टिकट दरों में असामान्य उछाल आ गया था। यात्रियों के हितों की रक्षा और किराए को किफायती रखने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
एयरलाइंस को दिए गए सख्त निर्देश
मंत्रालय ने घोषणा की है कि 23 मार्च 2026 से यह किराया कैप हटा दिया जाएगा। हालांकि, एयरलाइंस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि टिकट कीमतें उचित, पारदर्शी और बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुसार ही रखी जाएं, ताकि यात्रियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
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साथ ही साथ मंत्रालय ने चेतावनी भी दी है कि पीक सीजन, आपात स्थिति या उड़ान बाधित होने जैसी परिस्थितियों में अगर किराए में असामान्य या अनुचित वृद्धि देखी गई, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। सरकार इसकी रीयल-टाइम निगरानी जारी रखेगी। आदेश में आगे यह भी कहा है कि अगर भविष्य में ऐसी स्थिति फिर उत्पन्न हुई, जिसमें सार्वजनिक हित खतरे में पड़ता है, तो किराया नियंत्रण या अन्य नियामक कदम फिर से लागू किए जा सकते हैं।
दिसंबर में लगाया था कैप
बता दें कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 6 दिसंबर 2025 को घरेलू उड़ानों के लिए जो किराया कैप लगाया था, उसमें दूरी के आधार पर अधिकतम सीमा तय की गई थी। इसके लिए 500 किलोमीटर तक की यात्रा पर 7500 रुपये, 500 से 1000 किलोमीटर तक की यात्रा पर 12 हजार रुपये, 1000 से 1500 किलोमीटर तक की यात्रा पर 15 हजार रुपये और 1500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर 18 हजार रुपये की कैपिंग को लगाया गया था।
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Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 22 March 2026 at 09:15 IST