शिक्षा और दवा निर्माण में MP और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने के सुनहरे अवसर

अमेरिका के महावाणिज्यदूत माइक हैंकी ने कहा कि शिक्षा और दवा निर्माण सरीखे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश और उनके देश के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के सुनहरे अवसर है।

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cooperation between MP and America
MP और अमेरिका के बीच सहयोग | Image: Shutterstock

अमेरिका के महावाणिज्यदूत माइक हैंकी ने शुक्रवार को कहा कि शिक्षा और दवा निर्माण सरीखे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश और उनके देश के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के सुनहरे अवसर मौजूद हैं। हैंकी ने धार्मिक नगरी उज्जैन में राज्य सरकार के आयोजित क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर सम्मानित अतिथि हिस्सा लिया।

उन्होंने इस दौरान ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मध्यप्रदेश और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के संबंध में खासकर शिक्षा और दवा निर्माण सरीखे क्षेत्रों में सुनहरे अवसर मौजूद हैं।" उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बड़ी तादाद के रूप में राज्य के पास प्रचुर मानवीय पूंजी है।

हैंकी ने कहा कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी वृद्धि के काफी अवसर हैं और इस क्षेत्र में अमेरिका को काफी माल निर्यात किया जा रहा है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में जॉन डियर और कमिंस जैसे अमेरिकी समूहों की भारतीय शाखाओं के संयंत्र हैं। इंदौर के नजदीक पीथमपुर स्थित संयंत्रों से अमेरिका को बड़े पैमाने पर दवा निर्यात किया जाता है।

महावाणिज्यदूतावास की एक विज्ञप्ति में हैंकी के हवाले से कहा गया,"भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी हमारे सबसे अहम रिश्तों में से एक है। सीधे शब्दों में कहें, तो दोनों देश एक साथ मिलकर बेहतर हैं।" महावाणिज्यदूत ने कहा, “हमारे द्विपक्षीय संबंधों की रीढ़ हमारे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक संबंध हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है जिसने पिछले साल 190 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान किया।”

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हैंकी ने कहा कि वह परस्पर लाभ की पहल आगे बढ़ाने के वास्ते मध्यप्रदेश सरकार, स्थानीय व्यापारी समुदाय और उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ काम करना जारी रखने के लिए इस राज्य का एक बार फिर दौरा करके खुश हैं।

महावाणिज्यदूत ने कहा, “भारत स्थित अमेरिकी राजदूतावास समृद्धि, समावेशन और सुरक्षा को बढ़ावा देने के वास्ते मध्यप्रदेश के लोगों के साथ मजबूत साझेदारी जारी रखने के लिए तत्पर है।” उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका, भारत को वैश्विक स्तर पर अपने सबसे मजबूत साझेदारों में शामिल देखता है। औपचारिक कार्यबल में महिलाओं को बड़े स्तर पर शामिल किए बिना भारत अपनी वास्तविक आर्थिक क्षमता तक नहीं पहुंच सकता है।’’

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हैंकी ने जोर देकर कहा कि मुंबई स्थित अमेरिकी महावाणिज्यदूतावास अपनी सभी पहलों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने को प्राथमिकता के रूप में देखता है। हैंकी अपने मध्यप्रदेश दौरे में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर गए और इंदौर के भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) का दौरा किया। उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात भी की।

(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By :
Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड