Gold Buying Rules: अब गोल्ड ज्वेलरी की खरीदने पर नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, सरकार ने की सख्ती, हर गहने की अपनी होगी अलग पहचान
Gold Buying Rules: अब गोल्ड ज्वेलरी खरीदने को लेकर सरकार सख्त नियम बनाने वाली है। इसका सबसे बड़ा मकसद है सोने की शुद्धता और प्रामाणिकता को बनाए रखना।
- भारत
- 2 min read

Gold Buying Rules: देश भर में सोने के गहनों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अब टैगिंग से जुड़े नियमों को और भी कड़ा कर दिया है। हाल के दिनों में हॉलमार्किंग के गलत इस्तेमाल और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की शिकायतें बढ़ गईं हैं। इन्हें देखते हुए इस कदम को उठाया गया है। नए दिशानिर्देशों के तहत सोने की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए अब हर एक आइटम के लिए विशिष्ट पहचान कोड का उपयोग करना अनिवार्य किया जाएगा।
क्या है HUID और क्यों है यह जरूरी
सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को केवल वही आभूषण खरीदने की सलाह दी गई है जिन पर 6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन यानी HUID कोड अंकित हो। यह एक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जिसे बीआईएस केयर ऐप के जरिए आसानी से सत्यापित किया जा सकता है। हॉलमार्किंग भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दी जाने वाली वह गारंटी है जो सोने की गुणवत्ता की पुष्टि करती है और खरीदारों को कम कैरेट या मिलावटी सोना बेचने जैसी अनियमितताओं से सुरक्षा प्रदान करती है।
यूनिक आईडी के दोबारा इस्तेमाल पर रोक
सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सरकार ने साफ कर दिया है कि एक बार किसी गहने के लिए जारी किया गया HUID नंबर दोबारा किसी अन्य वस्तु के लिए उपयोग में नहीं लाया जा सकेगा। इसका मतलब ये है कि यदि किसी अंगूठी या हार के लिए एक बार कोड दर्ज हो गया है, तो वह हमेशा के लिए उसी की पहचान बना रहेगा। इस नियम से सप्लाई चेन के हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी और नकली हॉलमार्किंग के मामलों पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।
खरीदारी से जुड़े नियम
सोने के गलनों की खरीद से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय नियम भी लागू किए गए हैं, जिन्हें जानना ग्राहकों के लिए आवश्यक है। अब दो लाख रुपये से अधिक की गोल्ड ज्वेलरी खरीदने पर पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही दो लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान नकद में नहीं किया जा सकेगा। यदि खरीदारी दस लाख रुपये से अधिक की है तो पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड और आय का प्रमाण देना भी जरूरी कर दिया गया है ताकि लेनदेन में पारदर्शिता बनी रहे।