'ग्लोबल साउथ को अब नियम मानने वाला नहीं, नियम बनाने वाला बनने की जरूरत', ब्रिक्स के मंच से दुनिया के दिग्गज नेताओं के सामने PM मोदी की दो टूक

BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करने के बाद शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 'ग्लोबल साउथ को अब नियम मानने वाला नहीं, नियम बनाने वाला बनने की जरूरत है।'

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Global South needs to move from being rule-follower to rule-maker pm modi BRICS Summit 2026
BRICS: 'ग्लोबल साउथ बने नियम बनाने वाला, न कि मानने वाला', PM मोदी | Image: ANI

BRICS Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आधिकारिक तौर पर आगाज हो चुका है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते पीएम मोदी ने कई वैश्विक मुद्दों पर जोर डाला और ब्रिक्स देशों को एक साथ खड़े होने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि 'हमें अगले 20 वर्षों के लिए एक नए और महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने विकासशील देशों के सामने आ रहे लगातार बने हुए सिस्टम से जुड़े असंतुलन पर ज़ोर दिया और गवर्नेंस में सुधार के लिए 10-सूत्रीय रोडमैप का मसौदा तैयार करने का प्रस्ताव रखा, जिसे अगले शिखर सम्मेलन तक अंतिम रूप दिया जाना है। उन्होंने मंच से 'ग्लोबल साउथ को अब नियम मानने वाला नहीं, नियम बनाने वाला बनने की जरूरत' पर भी जोर दिया।

'नियम मानने वाला नहीं, बनाने वाला बनने की जरूरत'-PM मोदी

ब्रिक्स समिट 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा '"तीसरी बात जो मैं रखना चाहता हूँ, वह नियम बनाने से जुड़ी है। भविष्य के वैश्विक नियम तय करने में समान भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। AI, साइबरस्पेस, बाहरी अंतरिक्ष, बायोटेक्नोलॉजी और अहम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र भविष्य के अवसरों के साथ भविष्य के नियम भी तय कर रहे हैं।

आगे उन्होंने कहा 'हमें 'ग्लोबल साउथ' को 'नियम मानने वाले' (rule-taker) से 'नियम बनाने वाले' (rule-shaper) बनाने के प्रयास करने होंगे। BRICS के ज़रिए, हम ग्लोबल साउथ के देशों के युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत के कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानूनी विशेषज्ञता प्रदान कर सकते हैं।'

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ग्लोबल साउथ के लिए तीन स्तंभों वाला फ्रेमवर्क का प्रस्ताव

पीएम मोदी ने ग्लोबल गवर्नेंस और 'ग्लोबल साउथ' के लिए भविष्य का रोडमैप तैयार करने के लिए तीन-स्तंभों वाला फ़्रेमवर्क—प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण—का प्रस्ताव रखा।

पीएम मोदी ने कहा, "इस रोडमैप को तैयार करते समय हमें तीन मुख्य पहलुओं पर ध्यान देना होगा: प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण। प्रतिनिधित्व के बारे में, मैं यह कहना चाहूंगा कि UN सिक्योरिटी काउंसिल में सुधार को अब और टाला नहीं जा सकता।

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इस मामले पर बातचीत को एक निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट नतीजों से जोड़ा जाना चाहिए। इसी तरह, वित्तीय संस्थाओं में वोटिंग पावर, लीडरशिप की भूमिकाएं और पॉलिसी की प्राथमिकताएं आज की आर्थिक हकीकत के अनुरूप होनी चाहिए। जो देश ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को आगे बढ़ाते हैं, उन्हें ग्लोबल इकोनॉमिक गवर्नेंस को आकार देने में भी उचित भूमिका निभानी चाहिए।"

सीफेरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाने की जरूरत

पीएम मोदी ने आगे कहा 'सीफेरर का वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन मुश्किल समय में उन्हें सहारे की जरूरत होती है। मेरा प्रस्ताव है कि हम 'सीफेरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क' बना सकते हैं। इससे मुश्किल हालात में अलर्ट, मेडिकल सहायता, परिवार को सूचना और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे कामों में सहयोग दिया जा सकता है।' 

ये भी पढ़ें: ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रो में... अगली समिट तक 10 प्रस्तावों वाला ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप तैयार करने का PM मोदी ने मंच से किया आह्वान
 

Published By:
 Sahitya Maurya
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