कौन हैं अरुण योगीराज? जिनकी तराशी मूर्ति भव्य राम मंदिर में होगी विराजमान
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए Arun Yogiraj की बनाई मूर्ति का चयन किया गया है। अब 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
- भारत
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Arun Yogiraj: अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चयन कर लिया गया है। जिस मूर्ति को भव्य मंदिर के गर्भग्रह में स्थापित किया जाएगा उसे कर्नाटक के मैसूर के अरुण योगीराज ने बनाया है।
स्टोरी की 3 बड़ी बातें…
- 22 जनवरी 2024 को होगी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
- प्राण प्रतिष्ठा के लिए अरुण योगीराज की बनाई प्रतिमा का हुआ चयन
- कौैन हैं अरुण योगीराज?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से रामलला की मूर्ति बनाने के लिए जिन तीन मूर्तिकारों को चुना गया था उनमें से एक अरुण योगीराज भी थे। अरुण मैसूर में मूर्तियों का निर्माण करते हैं। उन्होंने दिल्ली में इंडिया गेट के पास स्थित सुभाष चंद्र बोस और केदारनाथ में स्थापित आदि शंकराचार्य की मूर्ति को भी तराशा था।
अरुण योगीराज की मां ने जताई खुशी
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रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अरुण योगीराज की बनाई मूर्ति का चयन किया गया है। अब 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। अरुण योगीराज की बनाई मूर्ति चयन होने पर उनकी मां ने कहा कि मैं अपने बेटे की सफलता को देखकर बहुत खुश हूं। आज उसके पिता उसकी सफलता को देखने के लिए नहीं हैं। अरुण 6 महीने पहले यहां से अयोध्या गया था।
अरुण योगीराज की मां सरस्वती का कहना है कि यह हमारे लिए सबसे खुशी का पल है, मैं उन्हें मूर्ति बनाते हुए देखना चाहती थी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह मुझे आखिरी दिन ले जाएंगे, मैं स्थापना के दिन जाऊंगी।
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कौन हैं अरुण योगीराज?
अरुण योगीराज देश के मशहूर मूर्तिकार हैं। उनका परिवार पिछली 5 पीढ़ियों से मूर्ति तराशने का काम कर रही हैं। देश भर में अरुण की बनाई गई मूर्तियों की भारी डिमांड है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी इस कला का मुरीद हैं। अरुण के पिता योगीराज भी बेहतरीन मूर्तिकार थे।
अरुण ने रामलला की मूर्ति के अलावा दिल्ली के इंडिया गेट के पास लगी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, केदारनाथ स्थित आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, मैसूर के चुंचनकट्टे में 21 फीट ऊंची हनुमानजी की प्रतिमा, संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अलावा भी कई प्रसिद्ध प्रतिमाओं को तराशा है।