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Updated March 19th, 2022 at 17:33 IST

Hijab Row: कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को TNTJ ने दी जान से मारने की धमकी; बोले- 'अगर जज मारे जाते हैं...'

Hijab Row: तमिलनाडु तौहीद जमात (TNTJ) ने तमिलनाडु के मदुरै में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीशों को मौत की धमकी जारी की है।

Reported by: Lipi Bhoi
| Image:self
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Hijab Row: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने लंबे समय से जारी हिजाब विवाद को लेकर अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले पर कहा था कि हिजाब या हेडस्कार्फ़ इस्लाम का एक अनिवार्य हिस्सा नहीं हैं। इसके बाद गुरुवार, 17 मार्च को एक इस्लामी संगठन तमिलनाडु तौहीद जमात (TNTJ) ने तमिलनाडु के मदुरै में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीशों को मौत की धमकी जारी की है।

इंदु मक्कल काची (IMK) के नेता अर्जुन संपत द्वारा साझा की गई क्लिप में, TNTJ नेता कोवई आर रहमतुल्लाह ने कहा कि अगर हिजाब के फैसले पर HC के न्यायाधीश मारे जाते हैं तो वे खुद अपनी मौतों के लिए जिम्मेदार होंगे। अदालत के फैसले को अवैध बताते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायपालिका ने खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बेच दिया है।

रहमतुल्लाह ने यह भी आरोप लगाया कि साधु भारत में नग्न घूम सकते हैं और मुसलमानों को हिजाब पहनने से रोका जाता है। उन्होंने कहा, "यदि आप मुसलमानों पर हमला करते हैं, तो हम जमीन पर उतरेंगे। हम मोदी, योगी और अमित शाह से नहीं डरते।"

न्यायाधीशों को धमकियों के बाद, सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश भारद्वाज ने उक्त फैसले पर टीएनटीजे नेता कोवई आर रहमतुल्लाह की टिप्पणी के संबंध में न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को एक पत्र लिखा। भारद्वाज ने कर्नाटक उच्च न्यायालय से तौहीद जमात के नेता के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया।

सामाजिक कार्यकर्ता ने लिखा-"सर, यह चौंकाने वाला है कि कोवई आर रहमतुल्लाह, तौहीद जमात के नेता ने मदुरै तमिलनाडु ने जजों को धमकाया है कि 'अगर हिजाब मामले के फैसले पर जजों की हत्या हो जाती है, तो वे खुद अपनी मौत के लिए जिम्मेदार होंगे। ' उन्होंने तमिलनाडु की जनता और युवाओं को डरा दिया है कि हमें किसी भी नतीजे के लिए तैयार रहना चाहिए। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने झारखंड में न्याय की मौत का हवाला दिया है।'

इसे भी पढ़ें- Hijab Row : हाईकोर्ट के फैसले के बाद उडुपी में स्कूल और कॉलेज फिर से खोलने की तैयारी में कर्नाटक सरकार

उन्होंने यह भी बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की छात्र शाखा कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) ने कहा कि एचसी का फैसला संविधान के खिलाफ है और वे इसके खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे। भारद्वाज ने कहा कि इसके अलावा इस्लामिक संगठन अमीर-ए-शरीयत ने अदालत के फैसले के खिलाफ बंद का आह्वान किया है।

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Published March 19th, 2022 at 17:19 IST

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