नए साल के पहले दिन मथुरा जा रहे हैं राजनाथ सिंह, लेंगे इस खास कार्यक्रम में हिस्सा
New Year के मौके पर यूपी के मथुरा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। रक्षा मंत्री कार्यक्रमों में हिस्सा भी लेंगे।
- भारत
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Rajnath Singh New Year 2024 Celebration: नए साल के मौके पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में मौजूद होंगे। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से इस बात की जानकारी दी।
खबर में आगे पढ़ें:
- नए साल पर मथुरा में रहेंगे राजनाथ सिंह
- सैनिक स्कूल के उद्घाटन समारोह में होंगे शामिल
- राम मंदिर पर सियासत को लेकर विपक्ष पर बरसे राजनाथ सिंह
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जानकारी दी है कि '01 जनवरी को मैं मथुरा में रहूंगा। वहां पूज्य दीदी मां, साध्वी ऋतंभरा जी के तीन दिवसीय षष्ठिपूर्ति महोत्सव में सम्मिलित होने के साथ-साथ बालिकाओं के लिए बने सैनिक स्कूल के उद्घाटन का भी साक्षी बनूंगा।'
22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सियासत भी शुरू हो चुकी है। कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) नेता संजय राउत कहा कि लोकसभा को देखते हुए राम मंदिर की मार्केटिंग चलती रहेगी। वहीं इस मुद्दे पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हमारे लिए राजनीतिक नहीं सांस्कृतिक मुद्दा है।
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राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राम मंदिर पर विपक्षी नेताओं के आए बयानों पर कहा कि अयोध्या का राम मंदिर हमारा राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह मामला हमारे लिए वोट हासिल करने का मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि का मुद्दा हमारा सांस्कृतिक मुद्दा हैं। इसपर राजनीतिक करना ठीक नहीं।
संजय राउत ने क्या कहा था?
इस मुद्दे पर संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा था, "जब तक लोकसभा का चुनाव हो रहा है तब तक PMO और सरकार अयोध्या से चलेगी... हम भी राम भक्त हैं। हमने और हमारी पार्टी ने राम मंदिर के लिए खून, त्याग और बलिदान दिए हैं लेकिन इस तरह की राजनीति देश में न कभी हुई है और न कभी होगी... हम पांच हजार साल पीछे जाकर देश चला रहे हैं।"
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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने क्या कहा?
संजय राउत के अलावा उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) ने राम मंदिर पर कहा, "भाजपा पूरी तरह से भगवान राम की मार्किटिंग कर रहे हैं। इन्होंने एक नई परंपरा शुरू की है कि मंदिर के शिलान्यास में भी निमंत्रण भेजा जाए। मुझे नहीं लगता कि दर्शन करने या भगवान के स्थान पर जाने के लिए कोई निमंत्रण भेजा जाता है। हिंदू धर्म में कहा जाता है कि जब भगवान चाहते हैं तो बुलाकर दर्शन दे देते हैं।
वहीं ऐसे बयानों पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या (Keshav Prasad Maurya) ने कहा, "किसी के कहने पर मैं कुछ कहना नहीं चाहता। भगवान श्री राम लला से मैं ये ही प्रार्थना करना चाहता हूं कि जिनकी बुद्धि किसी कारण से खराब है, उनकी बुद्धि की शुद्धी हो जाए। राम सबके थे, सबके हैं और सबके रहेंगे 22 जनवरी को रामलला अपने स्थान पर विराजमान होंगे। जो दर्शन करना चाहते हैं, वो 22 जनवरी के बाद भी आ सकते हैं।
JDU नेता के.सी. त्यागी (K C Tyagi) ने कहा, "22 तारीख को भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा का दिन है... ये खाली हिंदुओं के राम नहीं हैं, सबके हैं। लिहाज़ा, इस अवसर को उत्साह उमंग और बिना किसी भेदभाव के साथ मनाना चाहिए... भाजपा के कुछ नेताओं के अति उत्साह की वजह से ये विवाद पैदा हो रहा है। ऐसे अवसर पर हमें छोटा-मोटा लाभ नहीं देखना चाहिए।"