ईरान-इजरायल युद्ध के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने PM मोदी को मिलाया फोन, होर्मुज समेत मिडिल ईस्ट संकट पर क्या-क्या हुई बात?
US Israel Iran War, French President Macron calls PM Modi: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत कर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही के मुद्दे पर चर्चा की।
- भारत
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French President Macron calls PM Modi: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) समेत पश्चिम एशिया में गहराता संकट रहा।
दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर अपनी गहरी चिंता जताई। खासकर दोनों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा और उनकी निर्बाध आवाजाही को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
PM मोदी ने दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की जानकारी दी। PM मोदी ने बताया कि उन्होंने अपने 'मित्र' राष्ट्रपति मैक्रों से बात की है और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। दोनों देशों ने इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई है।
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साथ ही पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और फ्रांस मिलकर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे भी सहयोग करते रहेंगे। दोनों नेताओं ने तनाव कम करने और हालात को सामान्य बनाने की जरूरत पर बल दिया।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालती है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, माल ढुलाई महंगी हो सकती है और बीमा लागत में भी इजाफा हो सकता है। इसका खामियाजा हाल के दिनों में हम सभी ने देखा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षित आवाजाही की मांग की जा रही है।
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पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव को लेकर दुनिया के कई देश चिंतित हैं। ऐसे में भारत और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों की यह बातचीत कूटनीतिक स्तर पर अहम मानी जा रही है।