फॉर्मूला ई रेस मामला : तेलंगाना उच्च न्यायालय का केटीआर के खिलाफ प्राथमिकी रद्द करने से इनकार
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को फॉर्मूला ई रेस मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया और उन्हें गिरफ्तारी से दी गई छूट को हटा दिया।
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तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को फॉर्मूला ई रेस मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया और उन्हें गिरफ्तारी से दी गई छूट को हटा दिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज मामले में राज्य सरकार और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने 31 दिसंबर को याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
इससे पहले अदालत ने आदेश सुनाए जाने तक एसीबी को, बीआरएस अध्यक्ष एवं तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के बेटे रामा राव को गिरफ्तार करने से रोक दिया था। अदालत के वर्तमान आदेश में अब उन्हें गिरफ्तारी से मिली राहत हटा ली गई है। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद रामा राव ने बीआरएस नेताओं और कानूनी सलाहकारों के साथ चर्चाएं कीं।
बीआरएस के वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव ने आरोप लगाया कि यह ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘‘ध्यान भटकाने की राजनीति’’ के तहत एक गलत मामला थोपा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार को किसानों की वित्तीय सहायता योजना ‘रायथु बंधु’ के कार्यान्वयन के संबंध में जनता के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य की कार्रवाई के बारे में कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा कर रहे हैं। हरीश राव ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमारे नेताओं के खिलाफ इस तरह के झूठे मामले लगाए जाएंगे। हम उनका सामना करने के लिए तैयार हैं।’’
फॉर्मूला ई रेस मामला की जांच होगी
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि तेलंगाना और यहां के लोग बीआरएस के लिए महत्वपूर्ण हैं। हरीश राव ने बताया कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि मामले की जांच की जा सकती है, लेकिन उसने यह नहीं कहा कि इसमें भ्रष्टाचार है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे। संपर्क किए जाने पर रामा राव की कानूनी टीम के एक वरिष्ठ सदस्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्हें अब तक उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति नहीं मिली है। उनके मुताबिक, आदेश के आधार पर वे निर्णय लेंगे कि उच्चतम न्यायालय का रुख किया जाए या नहीं और उनके मुवक्किल के निर्णय के अनुसार क्या किया जाए।
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हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
बहस के दौरान, महाधिवक्ता (एजी) ए. सुदर्शन रेड्डी ने बताया कि फार्मूला ई संगठन को भुगतान व्यावसायिक नियमों और आवश्यक अनुमोदनों का पालन किए बिना किया गया था, जबकि बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि इसमें अपराध का कोई मामला नहीं बनता है। एजी ने यह भी दलील दी कि मामले में जांच जारी है ऐसे में इस चरण में प्राथमिकी को रद्द नहीं किया जा सकता।एसीबी ने पिछले सप्ताह बीआरएस विधायक को छह जनवरी को पेश होने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन जब वह सोमवार को अधिकारियों के समक्ष पेश हुए बिना एजेंसी कार्यालय से चले गए तो उन्हें नौ जनवरी को पेश होने के लिए फिर से नया नोटिस जारी किया गया।
फॉर्मूला ई रेस आयोजित करने से जुड़ा मामला
एसीबी ने 19 दिसंबर को रामा राव के खिलाफ पिछली सरकार के दौरान 2023 में ‘फॉर्मूला ई रेस’ आयोजित करने के लिए कथित तौर पर भुगतान करने का मामला दर्ज किया था, जिसमें से कुछ भुगतान बिना मंजूरी के विदेशी मुद्रा में किए गए थे। रामा राव को केटीआर के नाम से भी जाना जाता है।मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक हेराफेरी, आपराधिक कदाचार, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। आरोप है कि आपराधिक हेराफेरी, आपराधिक कदाचार, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र के परिणामस्वरूप कथित तौर पर सरकारी खजाने को लगभग 55 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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यह फॉर्मूला रेस फरवरी 2024 में भी आयोजित होनी थी, लेकिन दिसंबर 2023 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। रामा राव पिछली बीआरएस सरकार के दौरान नगर प्रशासन मंत्री थे। हैदराबाद में फॉर्मूला रेस के आयोजन में कथित अनियमितताओं के संबंध में ईडी ने सात जनवरी को रामा राव को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। प्राथमिकी में वर्तमान विधायक रामा राव को मुख्य आरोपी, वरिष्ठ आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी अरविंद कुमार और सेवानिवृत्त नौकरशाह बीएलएन रेड्डी को क्रमशः आरोपी संख्या दो और तीन के रूप में नामित किया गया है।