उत्तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा, बोले-मेरी वजह से पार्टी कमजोर न हो; क्यों लिया ये बड़ा फैसला?

उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से हटने की इच्छा जाहिर की है।

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Harish Rawat
Former Uttarakhand CM Harish Rawat | Image: X

Harish Rawat: उत्तराखंड की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। यहां के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। 

दरअसस, हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी और पर्सनल असिस्टेंट चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। गौरतलब है कि ED ने शुक्रवार को उत्तराखंड की 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में कार्रवाई की। इस दौरान ईडी ने चंदन सिंह जीना के देहरादून स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कथित तौर पर 32 लाख रुपये नकद, करीब 200 ग्राम सोना और रोलेक्स समेत 12 बेशकीमती लग्जरी घड़ियां बरामद की हैं।

मैंने TV पर खबर देखी- हरीश रावत

इस बीच, हरीश रावत ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा, 'टीवी पर खबर आ रही है कि देहरादून में हरीश रावत के पीए के पास भारी मात्रा में कैश और ज्वेलरी आदि पकड़ी गई या पकड़ाई गई, इस तथ्य का खुलासा तो आने वाले समय में होगा। यह सच है कि जीना मेरे ओएसडी रहे हैं और मैं जितने भी पदों पर रहा, चाहे पार्टी में रहा या सरकार में रहा, वह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। जीना एक सज्जन, विनम्र और काम करने वाले व्यक्ति हैं। यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की और यदि इस तरीके की कोई भी गलती उन्होंने की है, उसके प्रमाण हैं तो उनके इस तथाकथित दुस्साहसिक कृत्य के लिए मैं शर्मिंदा हूं। लेकिन मुझे इस आरोप पर बिल्कुल विश्वास नहीं है।'

'चुनाव के सवाल पर हंस पड़ता हूं'

उन्होंने आगे लिखा, 'उत्तराखंड के चुनाव में भारी स्टेक्स हैं। मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे, जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी। यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे। लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नैरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं। राहुल गांधी जी राष्ट्रीय स्तर पर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। ऐसे समय में हरीश रावत के किसी भी कृत्य से यदि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आती है, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूंगा।'

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मेरी वजह से पार्टी कमजोर न हो- रावत

रावत ने लिखा, 'इसलिए मैंने अभी अपने ईष्ट देवता का स्मरण करके एक बड़ा निर्णय लिया है कि मैं किसी सरकारी पद पर तो हूं नहीं, की उससे त्यागपत्र दूं! हां मैं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति का स्थाई आमंत्रित सदस्य हूं और मैं बहुत विनम्रता पूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहूंगा, क्योंकि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए।'

'हमारे कार्यकाल में 42000 से ज्यादा पदों पर भर्तियां हुई'

पूर्व CM ने कहा, 'रहा प्रश्न अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का? उसका गठन हमने राज्य के नौजवानों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए किया। हमने पब्लिक सर्विस कमीशन को समय पर परीक्षाएं लेने के लिए बाध्य किया, यहां तक कि दो बार शीर्ष पदों की भर्तियां हुईं, हमारे छोटे से कार्यकाल में। हमने भर्ती बोर्ड्स बनाए, मेडिकल भर्ती बोर्ड बनाया, शिक्षा भर्ती बोर्ड बनाया। अगर उस प्रक्रिया के दौरान नियुक्तियों में हमसे कोई एरर ऑफ जजमेंट हो गया है, तो मैं उसके लिए उत्तराखंड के लोगों से क्षमा प्रार्थी हूं। मगर मैं विनम्रता पूर्वक अपना यह दावा दोहराना चाहता हूं कि हमारे 3 साल के कार्यकाल में 42000 से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्तियां हुई हैं। हमने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन के पद पर जिस व्यक्ति को नियुक्त किया था, जिन्हें मैंने ही शिकायत मिलने के बाद हटाया या उनसे इस्तीफा मांगा, जो भी जिस रूप में भी कह लिया जाए। उनकी नियुक्ति पिछले सेवा रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी। वो जिस वर्ग से आते थे, मैं चाहता था कि सत्ता में उस वर्ग की भी हिस्सेदारी हो और उनकी नियुक्ति के विषय में मुझे सबसे प्रभावी सलाह तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी ने दी थी। वो दो बार मेरे पास उनकी नियुक्ति के संदर्भ में मिलने आए थे। मेरी आज भी धारणा है कि खंडूरी जी भ्रष्टाचार के समन के लिए हमेशा काम करते रहे। मैं इतना और बताते चलूं कि कौन व्यक्ति कहां पर गलती कर दे, कोई नहीं जान सकता है। क्या आरएसएस ने जाना होगा कि जिस व्यक्ति को उत्तराखंड के अपने पर्यावरण मंच का अध्यक्ष बना रहे हैं, वो व्यक्ति इस तरीके के भ्रष्ट कृत्य करेगा? और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में कलंकित होगा'

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‘प्रमाण हैं तो CBI, ED या पुलिस को दें’

हरीश रावत ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, 'नियुक्तियों और परीक्षाओं में गड़बड़ी हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और यदि मुझसे जाने-अनजाने में भी कोई ऐसा कृत्य हुआ है, जिससे हमारे राज्य के नौजवानों के भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ा है, तो उसके लिए मैं अपने को प्रताड़ना का पात्र मानता हूं और मैं राज्य के लोगों से इस चूक के लिए क्षमा चाहता हूं। मैं सार्वजनिक रूप से एक अपील भी करना चाहता हूं कि यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की नियुक्तियों के मामले में हस्तक्षेप करने की मेरी संलिप्तता के कोई प्रमाण उनके पास हों तो वो उन प्रमाणों को सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस को जरूर उपलब्ध करवाएं। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति को जिसे बड़े दायित्व को संभालने का अवसर मिलता है तो उन्हें हमेशा इस तरीके के घृणित प्रलोभनों से बचना चाहिए और यदि मुझसे कोई ऐसी चूक हुई है तो पुनः दोहरा रहा हूं कि मैं अपने को दंड का पात्र समझता हूं और कानून को मुझे दंडित करना चाहिए।'

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड