BREAKING: पूर्व CM भूपेश बघेल की बढ़ी मुसीबत, महादेव बेटिंग ऐप मामले में CBI की FIR में बने आरोपी; 60 जगहों पर पड़ी थी रेड
Bhupesh Baghel: महादेव सट्टा मामले में सीबीआई की दर्ज एफआईआर में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया है।
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Bhupesh Baghel: महादेव सट्टा मामले में कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया है।
दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप मामले में सीबीआई की दर्ज एफआईआर कॉपी सामने आई है। एफआईआर की कॉपी में भूपेश बघेल समेत 21 आरोपियों के नाम शामिल हैं। भूपेश बघेल को आरोपी नंबर 6 बनाया गया है। इसमें ऐप प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत कई अज्ञात पुलिस अफसर और कारोबारियों को नाम शामिल हैं। इससे पहले छत्तीसगढ़ EOW ने जो FIR की थी उसमें भी बघेल का नाम था।
बहुत बड़ा सट्टे का व्यापार हुआ- अरुण साव
CBI द्वारा महादेव बेटिंग ऐप के संबंध में दर्ज FIR में भूपेश बघेल का नाम लिए जाने पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बहुत बड़ा सट्टे का व्यापार महादेव ऐप में हुआ। अब तक की जांच से समझ आता है कि बड़े-बड़े लोग इसमें शामिल थे। जो भी लोग मामले में शामिल हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य हैं सबके खिलाफ FIR होगी। एजेंसी जांच करके कानूनी कार्रवाई करेगी।
60 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
हाल ही में सीबीआई ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भूपेश बघेल समेत 60 आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई के अनुसार, दिल्ली, छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता, में नेताओं और वरिष्ठ नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
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सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल पर ये हैं आरोप
जान लें कि महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल विदेश में बैठकर बैटिंग ऐप चलाते हैं। ऐसे में इन पर आरोप है कि यह लोग बैटिंग ऐप से होने वाली कुल आय का कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं को प्रोटेक्शन मनी के तौर पर देते थे।
क्या है मामला?
महादेव बुक एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है जिसे सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने प्रमोट किया था। फिलहाल ये दोनों ही आरोपी दुबई में रह रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि महादेव बुक के प्रमोटरों सौरभ और रवि अपने गैरकानूनी सट्टेबाजी नेटवर्क को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए कथिततौर पर बड़े नेताओं और नौकरशाहों को बड़ी मात्रा में प्रोटेक्शन मनी देते थे।