'अंतिम सांस तक नहीं भूल सकती, मेरी आंखों के सामने...',पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर झलका कौस्तुभ की पत्नी का दर्द, PM मोदी से की ये अपील

पहलगाम आतंकी हमले के एक साल होने जा रहे हैं। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। हमले की पहली बरसी पर शोक संतप्त परिवारों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

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 Pahalgam Terror Attack
Pahalgam Terror Attack | Image: ANI

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की खूबसूरत वादियों में हुए आतंकी हमले के एक साल पूरे होने जा रहे हैं। आज भी देश के लोगों के दिलों में इस हमले  का दर्द ताजा है। पिछले साल 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों द्वारा पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमले किया गया था। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। हमले की पहली बरसी पर शोक संतप्त परिवारों ने गहरा दुख व्यक्त किया है और न्याय की मांग दोहराई है। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी से बड़ी अपील भी की है।

हमले में अपने पति कौस्तुभ गणबोटे को खोने वाली संगीता गणबोटे ने आज भी उस काले दिन को यादकर अपने आंसू रोक नहीं पाती हैं। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर  संगीता ने कहा, 'जो हमला हुआ था, वह बेहद खतरनाक था। मैं उसे मरते दम तक नहीं भूल पाऊंगी। पति की मौत के बाद से मैं हमेशा दुख में डूबी रहती हूं। सुबह से शाम तक हर काम में उनकी याद आती है। मैं खाना बनाते समय भी उनसे पूछकर ही बनाती थी। उनकी यादों को भुलाना मेरे लिए असंभव है।'

अंतिम सांस तक नहीं भूल सकती ये दर्द-संगीता गणबोटे

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई की गई थी। लश्कर के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए थे। ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई पर संगीता गणबोटे ने कहा, पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव किया है उससे थोड़ा दुख तो हल्का हुआ है, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि उससे कुछ फर्क पड़ेगा।  

पीएम मोदी से बड़ी अपील

संगीता गणबोटे ने सरकार से अपील करते हुए मांगी की "मैं कहती हूं कि उनको(हमलावरों को) ये संदेश दिया जाना चाहिए कि आपकी लड़ाई सरकार के साथ है तो आप उनसे बातचीत करो। सर्वसामान्य लोगों को मारकर कुछ नहीं मिलने वाला है। स्कूलों में पढ़ाई के अलावा यह भी सिखाया जाना चाहिए कि इस तरह के हमले की स्थिति में कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए।"

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भारतीय सेना ने लिया था बदला

बता दें कि भारत ने हमले के जवाब में पिछले साल 6-7 मई 2024 की दरमियानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया। भारतीय वायुसेना और थलसेना ने आतंकी शिविरों पर भारी बमबारी की, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। इस कार्रवाई को सुरक्षा विशेषज्ञों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण बताया था।

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Published By :
Rupam Kumari
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