अपडेटेड 26 March 2025 at 22:10 IST

किसानों को ‘धोखा’ देने से किसी का भला नहीं होगा, बोलीं वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि किसानों को धोखा देने से किसी का भला नहीं होगा।

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 Sitharaman’s saree featured Madhubani motifs along the border
किसानों को ‘धोखा’ देने से किसी का भला नहीं होगा, बोलीं वित्त मंत्री | Image: ANI

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि किसानों को धोखा देने से किसी का भला नहीं होगा। इसके साथ ही, उन्होंने कृषि ऋण माफी योजना को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और आरोप लगाया कि उसके वादों ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। वित्त मंत्री उच्च सदन में बैंकिंग कानून (संशोधन), 2024 विधेयक पर हुयी चर्चा का जवाब दे रही थीं। उन्होंने चर्चा के दौरान बीआरएस सदस्य रवि चंद्र वड्डीराजू द्वारा तेलुगु में दिए गए बयान पर यह टिप्पणी की। वड्डीराजू ने किसानों के लिए कांग्रेस की ऋण माफी योजना का जिक्र किया था।

सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस ने ‘‘ऋण माफी’’ की घोषणा की, लेकिन वास्तव में आधे किसान ऋण माफी से वंचित रह गए। उन्होंने कहा कि बैंकों ने उनके नाम रिकॉर्ड में दर्ज कर लिए जिससे वे नए ऋण के लिए भी अपात्र हो गए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस तथ्य को उजागर करना चाहती हूं कि किसानों को धोखा देना किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी हर बार 2,000 रुपये, सालाना 6,000 रुपये पारदर्शी डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से उनके खाते में डाल रहे हैं। इससे छोटे किसानों को मदद मिलती है। इसे कर के दिखाएं।’’

सीतारमण ने कहा कि..

सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां कागजों तक सीमित रही हैं और जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और अगर कोई कार्रवाई हुई भी है तो वह भ्रष्टाचार से भरी हुई है। मंत्री ने कहा, वे खाद्य सुरक्षा, मनरेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के बारे में जिस तरह से बोलते हैं, मैं उसे उजागर करना चाहती हूं, उनके द्वारा लाई गई कोई भी योजना प्रभावी ढंग से लागू नहीं की गई। जब प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बिना किसी भ्रष्टाचार, बिना किसी गड़बड़ी के लागू करते हैं, तो वे कहेंगे, यह हमारी योजना थी। हां, यह आपकी योजना थी, लेकिन आपने इसे कागजों पर ही रखा, या आपने इसका गलत प्रबंधन किया।’’

सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां केवल बड़ी-बड़ी बातें हैं, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और अगर कोई कार्रवाई हुई भी तो उसमें भ्रष्टाचार हुआ। वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें मीडिया से जानकारी मिली कि कांग्रेस ने 2009 में सत्ता में वापसी के लिए कृषि ऋण माफी के वादे का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, ‘‘...कांग्रेस की 2008 की कुख्यात ऋण माफी ने कई किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा।’’ बाद में द्रमुक सदस्य तिरुचि शिवा ने ‘कुख्यात’ शब्द पर आपत्ति जताई और इसे असंसदीय शब्द बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह जांच कर उपयुक्त कार्रवाई करेंगे।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By : Garima Garg

पब्लिश्ड 26 March 2025 at 22:10 IST