अपडेटेड 19 March 2026 at 19:47 IST

FASTag New Rules: टोल भुगतान में देरी पड़ेगी भारी! 72 घंटे में नहीं चुकाया पैसा तो लगेगा दोगुना जुर्माना, जान लीजिए नया नियम

FASTag New Rules: NH पर सफर करने वालों के लिए सरकार ने FASTag के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब टोल न कटने पर 72 घंटे के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा, वरना दोगुना जुर्माना देना पड़ेगा।

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FASTag New Rules
FASTag New Rules | Image: FasTag

FASTag New Rules: अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने टोल वसूली की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए 'नेशनल हाईवे फीस नियमों' में बड़ा संशोधन किया है। 
नए नियमों के मुताबिक, अब हाईवे पर सफर के दौरान अगर आपके FASTag से टोल नहीं कटता है, तो आपको इसे चुकाने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी जाएगी। अगर उस समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। 

72 घंटे की समय सीमा वरना दोगुना जुर्माना

नए नियम के तहत, यदि कोई वाहन किसी 'बैरियर-फ्री' टोल प्लाजा से गुजरता है या तकनीकी खराबी या बैलेंस न होने के कारण टोल नहीं कट पाता, तो वाहन मालिक को 72 घंटे का समय दिया जाएगा। इस दौरान उसे बकाया टोल राशि जमा करनी होगी। यदि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया जाता, तो वाहन मालिक से मूल टोल राशि का दोगुना वसूला जाएगा। 

क्या है Unpaid User Fee?

संशोधित नियमों में पहली बार 'अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क' (Unpaid User Fee) को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसका मतलब उस टोल राशि से है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम ने वाहन के गुजरने के वक्त दर्ज तो किया, लेकिन किसी वजह से वह पैसा कट नहीं पाया। ऐसे मामलों में अब वाहन मालिकों को भागने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यमों जैसे SMS, ईमेल या मोबाइल ऐप के जरिए एक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जाएगा। इसमें सफर की तारीख, समय, स्थान और बकाया राशि की पूरी जानकारी होगी।

टोल एजेंसियों की भी बढ़ी जवाबदेही

सरकार ने केवल वाहन चालकों पर ही सख्ती नहीं की है, बल्कि टोल वसूलने वाली एजेंसियों को भी दायरे में लिया है। नए नियमों के अनुसार, अगर किसी यूजर ने टोल से जुड़ी कोई शिकायत दर्ज की है और संबंधित एजेंसी 5 दिनों के भीतर उस पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो वह बकाया टोल की मांग अपने आप खत्म हो जाएगी। यानी अगर गलती सिस्टम या एजेंसी की है और वे समय पर समाधान नहीं देते, तो वाहन मालिक को वह टोल नहीं भरना होगा। यह कदम आम जनता को राहत देने के लिए उठाया गया है।

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'वाहन' डेटाबेस से सीधा जुड़ाव

टोल चोरी रोकने के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) सिस्टम को अब सीधे 'वाहन' (VAHAN) डेटाबेस से जोड़ दिया गया है। इससे उन गाड़ियों की पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा जिन पर पुराना टोल बकाया है। जब तक पिछला बकाया और जुर्माना नहीं भरा जाएगा, तब तक गाड़ी के कागजी कामों या दोबारा सफर में दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए अब स्मार्ट सफर के लिए FASTag को अपडेट रखना और उसमें पर्याप्त बैलेंस रखना अनिवार्य हो गया है।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 19 March 2026 at 19:47 IST