NEET पेपर लीक मामले में एक भी आरोपी नहीं बचेगा, बॉम्बे से दिल्ली तक... 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, PM मोदी के ऐलान के बाद तेज हुआ एक्शन

नीट पेपर लीक मामले पर विरोध प्रदर्शन उग्र होने के बाद पीएम मोदी ने आज सुबह ऐलान किया कि इस मामले में दोषियों को जल्द कठोर सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद सरकार एक्शन में आ गई है।

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PM Modi
PM Modi | Image: ANI

Neet UG Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के ऐलान के बाद अब केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 4 राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

इस मामले में राज्यों और संबंधित हाईकोर्ट को निर्देश की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में चार हाईकोर्ट को पत्र लिखा जाएगा, जिसमें लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत सुनवाई होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन जिन चार राज्यों में होगा, उनमें बॉम्बे (औरंगाबाद और नागपुर बेंच), कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश शामिल है।  

फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द आ सकेगा फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट पेपर लीक मामले के आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलेगा। केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों और हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करेगी। इन फास्ट ट्रैक कोर्ट में नीट पेपर लीक से संबंधित मामलों की सुनवाई रोजाना की जाएगी, जिससे की जांच और ट्रायल में देरी न लगे और दोषियों को जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके। 

सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम में किन पर होंगे लागू?

सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम UPSC, SSC, RRB, IBPS, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की भर्ती परीक्षाओं के अलावा एनटीए द्वारा आयोजित किए जाने वाली परीक्षाओं पर लागू होता है। अब क्योंकि NTA द्वारा आयोजित परीक्षाएं इस कानून के तहत आती हैं, इसलिए इन परीक्षाओं में अनुचित साधनों (अनुचित तरीकों) से जुड़े मामले भी इसके दायरे में आएंगे। नीट पेपर लीक जिसे एनटीए आयोजित करती है, उस में भी इसी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

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NEET पेपर लीक मामले में 4 FIR दर्ज

सूत्रों के मुताबिक, नीट पेपर लीक मामले में इस कानून के तहत अब तक चार FIR दर्ज हो चुकी हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इन चार में से दो मामले बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में बताए जा रहे हैं। 

पीएम मोदी ने किया था बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (23 जून) सुबह ही पेपर लीक के मुद्दे पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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Published By:
 Priyanka Yadav
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