Farmer Protest: पतंग से ड्रोन का लगाया पेंच, किसान-पुलिस का सड़कों से आसमान तक ऐसे हो रहा आमना-सामना

देश के किसान अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर हैं। दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे किसानों ने पुलिस की ड्रोन वाली कार्रवाई का जवाब पतंगबाजी से दिया है।

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Farmers are flying kites to prevent drones from flying at Shambhu border
शंभू बॉर्डर पर पुलिस की ड्रोन वाली कार्रवाई का जवाब पतंगबाजी से दे रहे किसान | Image: ANI/X

Farmers are flying kites to prevent drones from flying at Shambhu Border: अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का संघर्ष जारी है। किसानों की दिल्ली कूच की कोशिशें भी लगातार जारी हैं, हालांकि पुलिस बल की मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण वो पंजाब-हरियाणा बॉर्डर ही पार नहीं कर पाए हैं। सड़कों पर तो किसान और पुलिस आमने-सामने हैं ही, लेकिन अब आसमान में भी दोनों के बीच संघर्ष दिख रहा है। 

मंगलवार, 13 फरवरी से किसानों का दिल्ली चलो मार्च शुरू हुआ है और सबसे ज्यादा हलचल शंभू बॉर्डर पर देखने को मिल रही है। यहां पुलिस की ओर से जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं। किसानों को रोकने के लिए कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन किसानों की ओर से लगातार इन्हें हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके जवाब में पुलिस आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल कर रही है। इसके लिए ड्रोन्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन्स से आंसू गैस के गोले फेंके जा रहे हैं। गीली बोरियों के इस्तेमाल के बाद अब किसानों ने इन ड्रोन्स का एक और तोड़ निकाला है।

किसानों ने ड्रोन का ऐसे निकाला तोड़

देश के किसान अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर हैं। दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे किसानों ने पुलिस की ड्रोन वाली कार्रवाई का जवाब पतंगबाजी से दिया है। दरअसल शंभू बॉर्डर पर बुधवार, 14 फरवरी को किसानों को पतंगबाजी करते देखा गया, उस वक्त पुलिस की ओर से आसमान में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किसानों की ओर से ड्रोन को पतंग के मांझे में फंसाने का प्रयास किया गया। 

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पत्थरबाजी के बाद अब पतंगबाजी शुरू

किसान आंदोलन 2.0 का बुधवार को दूसरा दिन है। किसान फिलहाल हरियाणा के अंबाला के शंभू बॉर्डर से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। पिछले 36 घंटे से यहां किसानों का काफिला रुका हुआ है। पुलिस की ओर से लगातार आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। मार्च के पहले दिन मंगलवार, 13 फरवरी को दोपहर से रात तक पुलिस ने टियर गैस का इस्तेमाल किया। ड्रोन के जरिए किसानों की तरफ आंसू गैस के गोले दागे गए। कई लेयर की बैरिकेडिंग के अलावा ये ड्रोन्स भी किसानों के लिए रुकावट बन रहे हैं। वहीं किसानों की ओर से भी ड्रोन्स को गिराने का प्रयास किया जा रहा है। पत्थरबाजी के बाद अब पतंगबाजी के पैंतरे से किसानों ने सबको हैरान कर दिया है। जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब किसानों ने शंभू बॉर्डर पर ड्रोन को गिराने के लिए पतंगबाजी करना शुरू कर दिया। किसान बड़ी संख्या में पतंग लेकर पहुंचे और शंभू बॉर्डर पर पतंग उड़ाते दिखे, ताकि पतंग की डोर में ड्रोन को फंसाकर गिराया जाए। 

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बसंत पंचमी पर पंजाब में पतंग उड़ाने का ट्रेंड 

बता दें कि बुधवार, 14 फरवकी को बसंत पंचमी भी है और पंजाब में बसंत पर पतंग उड़ाने का रिवाज है। पंजाब के फिरोजपुर समेत कई शहरों में बसंत पर अलग और अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। इस दिन आसमान में सिर्फ और सिर्फ पतंग ही नजर आते हैं। ये सिलसिला बसंत से कई दिन पहले शुरू होता है और कई दिन बाद तक चलता रहता है। किसान आंदोलन में ज्यादातक संख्या पंजाब के किसानों की है। ऐसे में शंभू बॉर्डर पर पतंगबाजी खूब देखने को मिली। 

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Published By:
 DINESH BEDI
पब्लिश्ड