'PAK में बैठकर साजिश, आदिल जैसे स्लीपर सेल देश के अंदर और 360 किलो विस्फोटक...', पूर्व DGP बोले अजहर मसूद को करारा जवाब दे मोदी सरकार

फरीदाबाद से इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने पर पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा, यह किसी खतरे की घंटी जैसा था। यह एक चेतावनी है कि दुश्मन दरवाजे के अंदर है।

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Former DGP Vikram Singh
Former DGP Vikram Singh | Image: ANI/Republic

जम्मू-कश्मीर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हरियाणा पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। फरीदाबाद से एक डॉक्टर के ठिकाने से 360 किलो विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट एक एसाल्ट राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है।  यह कार्रवाई बीते दिनों अनंतनाग से गिरफ्तार डॉक्टर आदिल अहमद राथर की निशानदेही पर की गई। अब इस पूरी कार्रवाई पर पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह की प्रतिक्रिया आई है।

फरीदाबाद से इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने पर पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा, यह किसी खतरे की घंटी जैसा था। यह एक चेतावनी है कि दुश्मन दरवाजे के अंदर है। अगर वे तीन क्विंटल विस्फोटक सामग्री की तस्करी कर सकते थे, तो कल्पना कीजिए कि इसका कितना विनाशकारी प्रभाव होता और 300 किलो की विनाशकारी शक्ति कितनी होती।

अब समय आ गया है जवाब देने का-पूर्व DGP

पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा, गिरफ्तार आदिल का जैश-ए-मोहम्मद से कनेक्शन है। अजहर मसूद पाकिस्तान में छिपा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडेड और इनामी आतंकवादी है। अब समय आ गया है कि भारत उसे करारा जवाब दे। इस मॉड्यूल को बेअसर कर दिया गया है, लेकिन जैश-ए-मोहम्मद ने अपनी चाल इतनी बढ़ा दी है कि अब वे डॉक्टरों, स्नातकोत्तर डिग्री और डिप्लोमा वाले डॉक्टरों को स्लीपर सेल के रूप में शामिल कर रहे हैं।

NCR ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठा था-पूर्व DGP

अगर आप सहारनपुर में काम करने, वहां शादी करने और अब फरीदाबाद में गोदाम बनाने में कामयाब हो जाते हैं, तो पूरा NCR लगभग ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठा था सभी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देनी होगी और पुलिस को सक्रिय रहना होगा ताकि घास के ऐसे सांपों को पकड़ा जा सके।

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बड़े आतंकी साजिश का खुलासा

जानकारी के मुताबिक, पिछले 15 दिनों से देश में आतंक फैलाने की प्लानिंग चल रही थी। पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 8 नवंबर को तब हुई थी. जब श्रीनगर पुलिस बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज GMC अनंतनाग में आदिल अहमद के लॉकर से राइफल बरामद की थी। इसके बाद उसके जैश ए मोहम्मद से जुड़े होने के शक और मजबूत हो गए और पूछताछ तेज की गई। 
 

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Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड