'लोग कट गए, दबकर मर गए, इतनी भीड़ कभी नहीं देखी...'- चश्मदीदों ने बताया नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची तो कैसा था मंजर

चश्मदीदों ने कहा- भीड़ हद से ज्यादा थी, लोग फुट ओवरब्रिज पर इकट्ठा थे... मैंने कभी भी त्योहारों में भी रेलवे स्टेशन पर इतनी भीड़ नहीं देखी।

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Eyewitness of Delhi Stampede
चश्मदीदों ने बताई कहानी | Image: @wassup_aishah

Eyewitness of Delhi Stampede : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भयानक भगदड़ मच गई, जिसमें 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में 9 महिलाएं, 4 पुरुष और 4 बच्चे शामिल हैं। हादसा प्लेटफार्म 13 और 14 पर हुआ, जब हजारों श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचे थे। मौके पर अफरातफरी मच गई और भारी भीड़ के दबाव में कई लोग गिरकर कुचल गए। दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। रेलवे ने भगदड़ की खबरों का खंडन किया, लेकिन चश्मदीदों ने प्रशासन की भारी चूक की ओर इशारा किया है।

तीन प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी पढ़ें :

  • हरियाणा के सोनीपत की संगीता मलिक अपनी सहेलियों के साथ प्रयागराज जा रही थीं। उनकी भी मौत हो गई है। नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ में जान गंवाने वाली हरियाणा की बच्ची सुरुचि अपने पापा, नाना-नानी के साथ स्टेशन पहुंचे थे। भगदड़ में सुरुचि और उसके नाना-नानी की मौत हो गई।
  • एक प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि स्टेशन पर एस्केलेटर पर लोग गिरते गए और दबते गए। ऐसी ही स्थिति इंजन के आगे आए लोगों की भी हुई। हादसे में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं पप्पू जो पटना से है उन्होंने बताया कि भगदड़ में दबने से मेरी मां की मौत हो गई। पप्पू अपने परिवार के साथ पटना घर लौट रहे थे।
  • चश्मदीदों के मुताबिक, भीड़ हद से ज्यादा थी, लोग फुट ओवरब्रिज पर इकट्ठा थे... इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। मैंने कभी भी त्योहारों में भी रेलवे स्टेशन पर इतनी भीड़ नहीं देखी। प्रशासन के लोग और एनडीआरएफ के जवान भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन जब भीड़ हद से ज्यादा बढ़ गई, तो इसे संभालना मुश्किल हो गया।

भगदड़ के वक्त क्या था मंजर

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार की रात लगभग 9 बजकर 26 मिनट पर भगदड़ मचती है, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई। इनमें 10 महिलाएं और 3 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं 25 से ज्यादा लोग घायल हैं। बता दें लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल (LNJP) ने मौत की पुष्टि की है। हादसा प्लेटफॉर्म नंबर 13, 14 और 15 के बीच हुआ। महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पर शाम 4 बजे से भीड़ जुटने लगी थी। रात को करीब 8:30 बजे प्रयागराज जाने वाली 3 ट्रेनें लेट हो गईं, जिससे भीड़ बढ़ी और भगदड़ मच गई।

शुरुआत में नॉर्दन रेलवे के CPRO (चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) ने भगदड़ की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कोई यह सिर्फ अफवाह है। लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ट्वीट कर मौत पर संवेदना व्यक्त की। इसके 20 मिनट बाद ही LNJP ने 15 लोगों के मौत की पुष्टि की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले 29 जनवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में 30 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 10 फरवरी 2013 को कुंभ के दौरान प्रयागराज स्टेशन पर भगदड़ मची थी। हादसे में 36 लोग मारे गए थे।

RPF और रेलवे की चूक

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है, जहां हर दिन करीब पांच लाख यात्री आते-जाते हैं। यहां आरपीएफ के जवानों को भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात किया जाता है, लेकिन इस बार खुफिया इनपुट और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी साफ दिखी। रेलवे अधिकारी भीड़ का सही अनुमान नहीं लगा पाए और आरपीएफ ने समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया।

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हादसे के बाद अफरा-तफरी

घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. घायल लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा नदारद थी। लोगों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। यात्रियों ने बताया कि जब तक एंबुलेंस और राहत कर्मी पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड