अपडेटेड 23 February 2026 at 08:50 IST

BREAKING: पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का दिल का दौरा पड़ने से निधन, 71 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

पूर्व रेल मंत्री और TMC नेता मुकुल रॉय का कोलकाता के साल्ट लेक के अपोलो हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। 71 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

Follow : Google News Icon  
Mukul Roy Passed Away
पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन | Image: ANI

पश्चिम बंगाल के जाने-माने पॉलिटिशियन और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 71 साल के थे। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने पिता के निधन की पुष्टि की है। TMC नेता लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती थे।

पूर्व रेल मंत्री और TMC नेता मुकुल रॉय का कल रात 1:30 बजे कोलकाता के साल्ट लेक के अपोलो हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया, उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने इसकी पुष्टि की।

पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन

मुकुल रॉय साल 2024 से डिमेंशिया समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। बीते कुछ दिनों से वो कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती थे। देर रात 1:30 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। मुकुल रॉय को ममता बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में दूसरे प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता था। वो जनवरी 1998 में बनी TMC के फाउंडिंग मेंबर्स में से एक थे।

BJP ने उन्हें ससम्मान स्वीकार किया था- दिलीप घोष

भाजपा नेता दिलीप घोष ने पूर्व रेल मंत्री और TMC नेता मुकुल रॉय के निधन पर कहा, "उनका राजनीति का सफर बहुत लंबा था और वह केंद्रीय मंत्री भी बने तथा TMC में सर्वोच्च नेता बने और जब वह भाजपा में आए थे तब हमने उन्हें ससम्मान से स्वीकार किया और उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन वह बहुत जल्दी बीमार हो गए और अंतिम समय में वह भाजपा में नहीं रोके और TMC में चले गए थे लेकिन बीमारी के कारण वह 2-3 साल से निष्क्रिय हो गए थे, भगवान से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति मिले।"

Advertisement

कौन थे TMC के दिग्गज मुकुल रॉय

ममता बनर्जी की तरह, मुकुल रॉय ने भी अपना पॉलिटिकल सफर पश्चिम बंगाल में यूथ कांग्रेस से शुरू किया। TMC बनने के बाद, उन्होंने एक अहम ऑर्गेनाइजेशनल रोल निभाया और उन्हें पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बनाया गया। समय के साथ उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गई। वह नई दिल्ली में पार्टी के जाने-माने रिप्रेजेंटेटिव बन गए। वह 2006 में राज्यसभा के लिए चुने गए और 2009 से 2012 तक अपर हाउस में पार्टी के लीडर रहे।

टीएमसी छोड़कर BJP का थामा था दामन

UPA सरकार के दूसरे टर्म में, उन्होंने शुरू में शिपिंग राज्य मंत्री के तौर पर काम किया। बाद में उन्होंने मार्च 2012 में पार्टी के साथी दिनेश त्रिवेदी की जगह यूनियन रेल मिनिस्टर का पद संभाला। कई दशकों के दौरान उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में उल्लेखनीय योगदान दिया। हालांकि, अपने राजनीतिक सफर में उन्होंने एक बार पाला भी बदला। साल 2019 में उन्होंने BJP का दामन थाम लिया था।

Advertisement

विधानसभा चुनाव के बाद कर ली थी घर वापसी

2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 18 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। इस सफलता के पीछे मुकुल रॉय की अहम भूमिका थी। अमित शाह ने खुद सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा करते हुए कहा था कि भाजपा की इस सफलता में मुकुल रॉय का योगदान निर्विवाद है। मगर उन्होंने एक बार फिर घर वापसी का मन बना लिया था। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में रॉय ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में कृष्णानगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की। मगर चुनाव परिणाम आने और पश्चिम बंगाल राज्य में टीएमसी सरकार के गठन के तुरंत बाद वो TMC में फिर शामिल हो गए। 

यह भी पढ़ें: BREAKING:नेपाल के धाडिंग में बड़ा हादसा,यात्रियों से भरी बस नदी में गिरी

Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 23 February 2026 at 07:41 IST