दृष्टिबाधित लोग भी पढ़ सकेंगे भारतीय संविधान, जानें कैसे
कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने सोमवार को संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय संविधान का ‘ब्रेल’ लिपि संस्करण जारी किया।
- भारत
- 1 min read

कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने सोमवार को संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय संविधान का ‘ब्रेल’ लिपि संस्करण जारी किया। यह संस्करण शंकर आई हॉस्पिटल बेंगलुरु और सीआईआई यंग इंडियंस (वाईआई) बेंगलुरु के सहयोग से तैयार किया गया है।
दृष्टिहीन या कमजोर दृष्टि वाले लोगों की सहायता
शंकर आई फाउंडेशन इंडिया के चिकित्सा, गुणवत्ता एवं शिक्षा प्रशासन के अध्यक्ष डॉ. कौशिक मुरली ने सोमवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा, 'इस पहल का उद्देश्य दृष्टिहीन या कमजोर दृष्टि वाले लोगों की सहायता करना है ताकि वे नागरिक के रूप में अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को पढ़ व समझ सकें।'
उन्होंने कहा कि ब्रेल संस्करण को प्रमुख संस्थानों में वितरित किया जाएगा, जिससे व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी। सीआईआई यंग इंडियंस में ‘एक्सेसिबिलिटी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दर्शन मुथा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य समावेशिता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
Advertisement
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)