अपडेटेड 23 March 2026 at 23:14 IST
EPFO Update: अब चुटकियों में सेटल होगा PF क्लेम, जानें ऑटोमेटेड सिस्टम ईपीएफओ 3.0 के फायदे
EPFO 3.0 Update: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ 3.0 लॉन्च किया गया है। इसका मकसद पीएफ से जुड़ी सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज और आसान बनाना है।
- भारत
- 3 min read

EPFO 3.0: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए सरकारी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने अपनी सेवाओं को हाई-टेक बनाते हुए EPFO 3.0 लॉन्च किया है। इस नए डिजिटल अपग्रेड का सबसे मुख्य उद्देश्य पीएफ निकासी और क्लेम सेटलमेंट की सुस्त रफ्तार को खत्म करना है। मौजूदा समय में जहां PF क्लेम सेटल होने में अक्सर 15 से 20 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब नई व्यवस्था के तहत यह प्रक्रिया महज 3 दिन से भी कम समय में पूरी हो सकेगी।
EPFO 3.0 में होगा ऑटोमेटेड सिस्टम
दरअसल, ईपीएफओ 3.0 के तहत एक ऐसा 'ऑटोमेटेड सिस्टम' तैयार किया गया है, जो बिना किसी हस्तक्षेप (Manual Intervention) के क्लेम को प्रोसेस करेगा। यदि आपके खाते का KYC अपडेट है और आवेदन में कोई तकनीकी खामी नहीं है, तो सॉफ्टवेयर खुद ही वेरिफिकेशन पूरा कर भुगतान को मंजूरी दे देगा। यह सुविधा विशेष रूप से बीमारी, शादी या घर बनाने जैसी इमरजेंसी जरूरतों के समय कर्मचारियों को उनके हक का पैसा तुरंत दिलाने में मदद करेगा।
सीधे बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने की तैयारी
इस नए प्लेटफॉर्म को एक यूनिफाइड डिजिटल इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां सदस्य अपनी सभी सेवाओं को एक ही छत के नीचे मैनेज कर सकेंगे। EPFO 3.0 में कागजी कार्रवाई को न्यूनतम कर दिया गया है और क्लेम ट्रैकिंग को बेहद पारदर्शी बनाया गया है। इसमें कोर बैंकिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं जोड़ने की भी योजना है, ताकि पैसा सीधे और तेजी से बैंक खातों में पहुंच सके।
नहीं काटने पड़ेंगे पुरानी कंपनी के चक्कर
इसके अलावा, नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर की पुरानी सिरदर्दी भी अब खत्म होने वाली है। जिन सदस्यों का आधार और बैंक खाता लिंक है, उनका PF बैलेंस नई कंपनी में जॉइन करते ही ऑटोमेटिक रूप से ट्रांसफर हो जाएगा, जिससे कर्मचारियों को पुराने नियोक्ता के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
Advertisement
5 लाख तक का ऑटो-सेटलमेंट
अब 5 लाख तक का क्लेम बिना किसी अप्रूवल के अपने आप सेटल हो जाएगा। यानी सॉफ्टवेयर खुद-ब-खुद आपका डेटा चेक करेगा और पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा। पहले यह लिमिट सिर्फ 1 लाख रुपये थी।
सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए भी राहत के द्वार खोल दिए हैं। 1 जनवरी 2025 से लागू 'सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम' (CPPS) को अब ईपीएफओ 3.0 के साथ और भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे देश के 70 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को बिना किसी देरी के समय पर पेंशन मिल रही है।
ये भी पढ़ें: UP Wheat MSP Hike: किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, गेहूं के MSP में भारी बढ़ोतरी; जानें नई दर
Advertisement
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 23:14 IST